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यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट में 65 फीसदी परीक्षार्थी उतीर्ण
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:35 PM IST
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झूमतीं छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मैनपुरी। यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित हुआ। इस वर्ष परीक्षा परिणाम कुल 64.92 प्रतिशत रहा। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार पास छात्रोें का प्रतिशत काफी कम रहा। जिले के 36.97 फीसदी परीक्षार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। 55.91 फीसदी परीक्षार्थियों ने द्वितीय और 6.91 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने तृतीय श्रेणी पाई। इंटर में कुल पंजीकृत 26158 परीक्षार्थियों में से 17195 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। वहीं 880 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
शुक्रवार को परिणाम जानने के लिए सुबह से ही परीक्षार्थी उत्सुक दिखे। पिछले साल परीक्षा परिणाम 80.51 प्रतिशत रहा था। जबकि इस बार इंटर के 64.92 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे। दोपहर दो बजे के बाद परिणाम घोषित होते ही जैसे ही सूचना मिली कि पिछली बार की तुलना में इस बार उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत काफी कम है तो कई अभिभावकों और विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ गईं।
परिणाम का इंतजार कर रही ज्योति ने कहा कि उसे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने का पूरा यकीन है पर भाग्य कब रूठ जाए कहा नहीं जा सकता। हालांकि उसने जिले में टॉप किया है। वहीं यश का कहना था कि उसने प्रथम श्रेणी में पास होने पर प्रसाद बोल रखा था लेकिन द्वितीय श्रेणी आने से निराशा हाथ लगी है। सुस्मिता ने कहा पेपर अच्छे हुए थे और प्रथम श्रेणी भी मिली इससे वह बेहद खुश है। उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं जहां खुशी से उछलते नजर आए वहीं फेल हुए छात्र निराश मन से घर वापस लौट गए।
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शुक्रवार को परिणाम जानने के लिए सुबह से ही परीक्षार्थी उत्सुक दिखे। पिछले साल परीक्षा परिणाम 80.51 प्रतिशत रहा था। जबकि इस बार इंटर के 64.92 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण रहे। दोपहर दो बजे के बाद परिणाम घोषित होते ही जैसे ही सूचना मिली कि पिछली बार की तुलना में इस बार उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत काफी कम है तो कई अभिभावकों और विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ गईं।
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परिणाम का इंतजार कर रही ज्योति ने कहा कि उसे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने का पूरा यकीन है पर भाग्य कब रूठ जाए कहा नहीं जा सकता। हालांकि उसने जिले में टॉप किया है। वहीं यश का कहना था कि उसने प्रथम श्रेणी में पास होने पर प्रसाद बोल रखा था लेकिन द्वितीय श्रेणी आने से निराशा हाथ लगी है। सुस्मिता ने कहा पेपर अच्छे हुए थे और प्रथम श्रेणी भी मिली इससे वह बेहद खुश है। उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं जहां खुशी से उछलते नजर आए वहीं फेल हुए छात्र निराश मन से घर वापस लौट गए।
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