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UP: डिजिटल अरेस्ट...70 वर्षीय बुजुर्ग के दाऊद से बताए संबंध, खाते में जमा कराए 41 लाख; जेल भेजने की भी धमकी
Mon, 27 Jan 2025 10:39 PM IST
अरुन पाराशर
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 27 Jan 2025 10:39 PM IST
सार
पीड़ित बुजुर्ग गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। अपने साथ हुई घटना को लेकर उन्होंने बेटे को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में जुटी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : freepic
विस्तार
आगरा में साइबर अपराधियों ने 70 वर्षीय राजेंद्र प्रसाद जैन को डिजिटल अरेस्ट कर 41.68 लाख रुपये ठग लिए। उनके नाम से खुले बैंक खाते में हवाला और धोखाधड़ी के करोड़ों रुपये आने की बात कही गई। दाऊद और अंडरवर्ल्ड से संबंध होने की वजह से जेल भेजने की धमकी भी दी। 10 दिन तक काॅल करके अलग-अलग खातों में रकम जमा करा ली। पुलिस ने केस दर्ज किया है।
इंद्रापुरम निवासी राजेंद्र कुमार जैन ने पुलिस को बताया कि 11 जनवरी की सुबह उनके मोबाइल पर एक काॅल आई। काॅल करने वाले ने कहा कि आपका बैंक खाता बंद किया जा रहा है। कारण पूछने पर बताया कि उनके नाम से मुंबई में एक खाता खोला गया है। मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और लोगों से साइबर ठगी के करोड़ों रुपये जमा हुए हैं।
अधिकारी से बात कराने की कहने पर एक व्यक्ति से बात कराई। उसने खुद को साइबर सेल का इंस्पेक्टर वरुण कुमार बताया। उन्होंने उनके संबंध अंडरवर्ल्ड डाॅन दाऊद से बताए। बाद में डीसीपी के जांच करने की बात की। उनसे बात भी कराई। उन्होंने कहा कि आरबीआई, सीबीआई और साइबर सेल जांच कर रही है।
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बाद में काॅल कट गई। शाम 5:30 बजे व्हाट्सएप पर काॅल आई। उस नंबर की डीपी पर मुंबई पुलिस का लोगो लगा था। काॅल करने वाले ने सीबीआई, आरबीआई और साइबर सेल के कई दस्तावेज भेजे। मामले में बच्चों को फंसाने की धमकी देकर किसी से बात करने से मना कर दिया। डरा धमकाकर घर में ही रहने को मजबूर किया।
कई बार में ली रकम
11 से 21 जनवरी तक कई-कई बार काॅल पर बात की। डरा-धमकाकर अलग-अलग कई बार में 99 हजार, 10 लाख, 69 हजार, 20 लाख, छह लाख और चार लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करा लिए। वह 21 जनवरी को बैंक गए। उन्हें धोखाधड़ी का अंदेशा हुआ। इस पर अलीगढ़ में सरकारी विभाग में तैनात बेटे से बात की। उन्होंने बैंक खातों से रकम निकासी पर रोक लगवाई। 22 जनवरी को साइबर क्राइम थाना में शिकायत की। बुजुर्ग बीमार रहते हैं। गंभीर रोग से भी पीड़ित हैं।
रहें सावधान, ऐसे काॅल काट दें
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया गया है। जिन नंबरों से काॅल किया गया, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रथम दृष्टया काॅल करने के लिए वर्चुअल नंबर से काॅल आने की पुष्टि हुई है। लोगों से अपील है कि वह अनजान नंबर से काॅल करके रकम मांगने वालों से सावधान रहें। काॅल काट दें। पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। सीबीआई-पुलिस अधिकारी बनकर कोई धमकाता है तो समझ जाएं, ठगी होने वाली है।
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इंद्रापुरम निवासी राजेंद्र कुमार जैन ने पुलिस को बताया कि 11 जनवरी की सुबह उनके मोबाइल पर एक काॅल आई। काॅल करने वाले ने कहा कि आपका बैंक खाता बंद किया जा रहा है। कारण पूछने पर बताया कि उनके नाम से मुंबई में एक खाता खोला गया है। मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला और लोगों से साइबर ठगी के करोड़ों रुपये जमा हुए हैं।
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अधिकारी से बात कराने की कहने पर एक व्यक्ति से बात कराई। उसने खुद को साइबर सेल का इंस्पेक्टर वरुण कुमार बताया। उन्होंने उनके संबंध अंडरवर्ल्ड डाॅन दाऊद से बताए। बाद में डीसीपी के जांच करने की बात की। उनसे बात भी कराई। उन्होंने कहा कि आरबीआई, सीबीआई और साइबर सेल जांच कर रही है।
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बाद में काॅल कट गई। शाम 5:30 बजे व्हाट्सएप पर काॅल आई। उस नंबर की डीपी पर मुंबई पुलिस का लोगो लगा था। काॅल करने वाले ने सीबीआई, आरबीआई और साइबर सेल के कई दस्तावेज भेजे। मामले में बच्चों को फंसाने की धमकी देकर किसी से बात करने से मना कर दिया। डरा धमकाकर घर में ही रहने को मजबूर किया।
कई बार में ली रकम
11 से 21 जनवरी तक कई-कई बार काॅल पर बात की। डरा-धमकाकर अलग-अलग कई बार में 99 हजार, 10 लाख, 69 हजार, 20 लाख, छह लाख और चार लाख रुपये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित करा लिए। वह 21 जनवरी को बैंक गए। उन्हें धोखाधड़ी का अंदेशा हुआ। इस पर अलीगढ़ में सरकारी विभाग में तैनात बेटे से बात की। उन्होंने बैंक खातों से रकम निकासी पर रोक लगवाई। 22 जनवरी को साइबर क्राइम थाना में शिकायत की। बुजुर्ग बीमार रहते हैं। गंभीर रोग से भी पीड़ित हैं।
रहें सावधान, ऐसे काॅल काट दें
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया गया है। जिन नंबरों से काॅल किया गया, उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। प्रथम दृष्टया काॅल करने के लिए वर्चुअल नंबर से काॅल आने की पुष्टि हुई है। लोगों से अपील है कि वह अनजान नंबर से काॅल करके रकम मांगने वालों से सावधान रहें। काॅल काट दें। पुलिस कभी भी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। सीबीआई-पुलिस अधिकारी बनकर कोई धमकाता है तो समझ जाएं, ठगी होने वाली है।