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हिंसा के मामले में 46 नाम और होंगे शामिल
Updated Wed, 16 May 2018 11:42 PM IST
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UP POLICE
- फोटो : SELF
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कासगंज। न्यायालय में हिंसा के मामले में एफआईआर दर्ज कराए जने के लिए लंबित चल रहे प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सीजेएम भरत सिंह यादव ने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र को पूर्व प्रचलित विवेचना में शामिल किए जाने का आदेश दिया है।
इस प्रार्थना पत्र में 46 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र दिया गया। कोतवाली में दर्ज अपराध संख्या 59 में इस प्रार्थना पत्र की विवेचना की जाएगी।
हिंसा के मामले में शहर के शमी अख्तर ने 46 लोगों को नामजद कराने व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 156 (3) में मामला दर्ज करने के लिए सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इस प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट मांगी।
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कोतवाली पुलिस ने बताया कि हिंसा के मामले में अपराध संख्या 59 पर पुलिस की ओर से बलवा, हिंसा, पथराव आदि करने का मामला पहले से ही दर्ज है। पुलिस रिपोर्ट पर संज्ञान करते हुए न्यायालय ने अलग से मुकदमा दर्ज करने की प्रार्थना को नामंजूर करते हुए इसे पूर्व प्रचलित मुकदमें के अंतर्गत विवेचना का हिस्सा बनाने का आदेश दिया है। प्रार्थना पत्र में दिए गए नाम के लोगों से पुलिस पूछताछ करते हुए मामले का निस्तारण करेगी।
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इस प्रार्थना पत्र में 46 लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र दिया गया। कोतवाली में दर्ज अपराध संख्या 59 में इस प्रार्थना पत्र की विवेचना की जाएगी।
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हिंसा के मामले में शहर के शमी अख्तर ने 46 लोगों को नामजद कराने व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 156 (3) में मामला दर्ज करने के लिए सीजेएम न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इस प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने कोतवाली पुलिस से रिपोर्ट मांगी।
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कोतवाली पुलिस ने बताया कि हिंसा के मामले में अपराध संख्या 59 पर पुलिस की ओर से बलवा, हिंसा, पथराव आदि करने का मामला पहले से ही दर्ज है। पुलिस रिपोर्ट पर संज्ञान करते हुए न्यायालय ने अलग से मुकदमा दर्ज करने की प्रार्थना को नामंजूर करते हुए इसे पूर्व प्रचलित मुकदमें के अंतर्गत विवेचना का हिस्सा बनाने का आदेश दिया है। प्रार्थना पत्र में दिए गए नाम के लोगों से पुलिस पूछताछ करते हुए मामले का निस्तारण करेगी।