{"_id":"5a564ee14f1c1b0f198b4569","slug":"61515605729-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां सुजाता की हत्या के बाद चर्चा में आया था संजीव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मां सुजाता की हत्या के बाद चर्चा में आया था संजीव
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
gun
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। मां सुजाता देवी की हत्या होने के बाद संजीव एक साथ चर्चा में आया था। मां की हत्या के बाद संजीव ने भाजपा सांसद साक्षी महाराज सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
बताते चले कि 15 अप्रैल 2013 को शिकोहाबाद रोड स्थित साक्षी महाराज के आश्रम से अपने घर लौटते समय डॉ. सुजाता देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें संजीव ने साक्षी महाराज पर सड़यंत्र रचने के साथ साथ आश्रम में रहने वाले विजय स्वरूप, सत्यप्रकाश, राम सिंह और पद्म सिंह के खिलाफ मां की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें से पुलिस ने विजय स्वरुप, राम सिंह, सत्यप्रकाश और पद्म सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि साक्षी महाराज गिरफ्तार नहीं हुए थे।
सुजाता देवी ने साक्षी महाराज पर लगाया था अवैध का आरोप
संजीव की मां सुजाता देवी बाल्य कल्याण समिति की सदस्य थी। वह साक्षी महाराज की शिष्या भी थी। वह आश्रम में ही रहती थी। एक दिन अचानक सुजाता देवी ने साक्षी महाराज पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया। इसको लेकर मामला काफी तूल पकड़ा था।
विज्ञापन
- साक्षी माहराज ने लड़ाया था जिला पंचायत सदस्य का चुनाव
बताते चले कि सुजाता देवी साक्षी महाराज की बेहद करीबी थी। जिसके चलते साक्षी महाराज ने सुजाता देवी को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ाया था। इतना ही वर्ष 2010 में सुजाता देवी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारी कर दी थी। हालांकि पर्चा निरस्त होने की वजह से उन्हें चुनाव से दूर होना पड़ा था।
हत्या के पीछे बताया गया था जमीनी विवाद
जानकारी के अनुसार सुजाता वर्मा के खेमे ने हत्या का कारण जमीनी विवाद बताया गया था। लेकिन दूसरी और खबर यह भी सामने आई है कि जमीनी विवाद को सुलझाने के लिए 18 अप्रैल को सुजाता वर्मा और साक्षी महाराज के बीच समझौता होना था। मगर उससे पहले सुजाता देवी की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
बताते चले कि 15 अप्रैल 2013 को शिकोहाबाद रोड स्थित साक्षी महाराज के आश्रम से अपने घर लौटते समय डॉ. सुजाता देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें संजीव ने साक्षी महाराज पर सड़यंत्र रचने के साथ साथ आश्रम में रहने वाले विजय स्वरूप, सत्यप्रकाश, राम सिंह और पद्म सिंह के खिलाफ मां की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें से पुलिस ने विजय स्वरुप, राम सिंह, सत्यप्रकाश और पद्म सिंह को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि साक्षी महाराज गिरफ्तार नहीं हुए थे।
विज्ञापन
सुजाता देवी ने साक्षी महाराज पर लगाया था अवैध का आरोप
संजीव की मां सुजाता देवी बाल्य कल्याण समिति की सदस्य थी। वह साक्षी महाराज की शिष्या भी थी। वह आश्रम में ही रहती थी। एक दिन अचानक सुजाता देवी ने साक्षी महाराज पर अवैध संबंधों का आरोप लगाया। इसको लेकर मामला काफी तूल पकड़ा था।
विज्ञापन
- साक्षी माहराज ने लड़ाया था जिला पंचायत सदस्य का चुनाव
बताते चले कि सुजाता देवी साक्षी महाराज की बेहद करीबी थी। जिसके चलते साक्षी महाराज ने सुजाता देवी को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव भी लड़ाया था। इतना ही वर्ष 2010 में सुजाता देवी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भी दावेदारी कर दी थी। हालांकि पर्चा निरस्त होने की वजह से उन्हें चुनाव से दूर होना पड़ा था।
हत्या के पीछे बताया गया था जमीनी विवाद
जानकारी के अनुसार सुजाता वर्मा के खेमे ने हत्या का कारण जमीनी विवाद बताया गया था। लेकिन दूसरी और खबर यह भी सामने आई है कि जमीनी विवाद को सुलझाने के लिए 18 अप्रैल को सुजाता वर्मा और साक्षी महाराज के बीच समझौता होना था। मगर उससे पहले सुजाता देवी की हत्या कर दी गई थी।