{"_id":"59cbeb6e4f1c1bbe538b4c90","slug":"61506536302-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाखों की ठगी के आरोपी गौरव की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाखों की ठगी के आरोपी गौरव की जमानत याचिका खारिज
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये हड़पने के आरोपी लखनऊ निवासी गौरव शंकर की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय पीके जैन ने खारिज कर दी है।
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी गौरव शंकर ने फर्जी कंपनी बनाकर फिरोजाबाद सहित प्रदेश भर में लाखों लोगों के पैसे जमा कराए थे। एफडी मैच्योर होने के वक्त भाग गए थे। गौरव के खिलाफ थाना दक्षिण में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पिछले दिनों सीओ सिटी ने आरोपी को होटल गर्ग से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी ने जमानत अर्जी न्यायालय में लगाई थी। अपर जिला जज तृतीय पीके जैन के न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई।
जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज यादव एडवोकेट ने तर्क दिया कि अभियुक्त ने कई लोगों से धनराशि कंपनी में इनवेस्ट कराई थी। और भुगतान के नाम पर चैक निर्गत कर दिए, लेकिन भुगतान नहीं मिला। कंपनी के फिरोजाबाद इकाई में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की है। इस मामले में अन्य संलिप्तों को पता लगाया जाए। न्यायाधीश ने तर्कों को सुनने के साथ गौरव शंकर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ के गोमतीनगर निवासी गौरव शंकर ने फर्जी कंपनी बनाकर फिरोजाबाद सहित प्रदेश भर में लाखों लोगों के पैसे जमा कराए थे। एफडी मैच्योर होने के वक्त भाग गए थे। गौरव के खिलाफ थाना दक्षिण में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पिछले दिनों सीओ सिटी ने आरोपी को होटल गर्ग से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी ने जमानत अर्जी न्यायालय में लगाई थी। अपर जिला जज तृतीय पीके जैन के न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई।
विज्ञापन
जिला शासकीय अधिवक्ता नीरज यादव एडवोकेट ने तर्क दिया कि अभियुक्त ने कई लोगों से धनराशि कंपनी में इनवेस्ट कराई थी। और भुगतान के नाम पर चैक निर्गत कर दिए, लेकिन भुगतान नहीं मिला। कंपनी के फिरोजाबाद इकाई में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारियों ने धोखाधड़ी की है। इस मामले में अन्य संलिप्तों को पता लगाया जाए। न्यायाधीश ने तर्कों को सुनने के साथ गौरव शंकर की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन