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गेहूं खरीद का कमीशन मिलने तक बंद रहेंगी 58 समितियां
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मैनपुरी। जिले की सहकारी समितियों पर कार्यरत सचिवों ने गेहूं खरीद का बकाया कमीशन न मिलने तक समितियां बंद करने का निर्णय लिया है। सोमवार को जिलाधिकारी से मिलकर उन्होंने एक ज्ञापन भी सौंपा। समितियां बंद होने से अक्तूबर से होने वाली धान की खरीद भी प्रभावित होगी।
उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सोमवार को जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से मिलने पहुंचे। अध्यक्ष हरिपाल सिंह ने बताया कि हर वर्ष पीसीएफ द्वारा सहकारी समितियों को खरीद केंद्र बनाया जाता है। लेकिन कमीशन का भुगतान नहीं किया जाता है। चालू वित्तीय वर्ष में हुई गेहूं खरीद में भी जिलाधिकारी के आदेश पर समितियों पर सचिवों ने खरीद की थी। इसके बाद भी कमीशन पीसीएफ द्वारा नहीं दिया गया है। इससे सचिवों को वेतन नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि अब धान खरीद के लिए पीसीएफ ने सहकारी समितियों को केंद्र बना दिया है। इससे नाराज सचिवों ने ज्ञापन सौंपकर बकाया कमीशन दिलाने की मांग की है। उन्होंने कमीशन मिलने तक जिले की सभी 58 सहकारी समितियां बंद कर कोई भी कार्य न करने का निर्णय लिया। इस दौरान वेदप्रकाश यादव, प्रबल प्रताप सिंह, कमल चौहान, सुखवीर, राजेश कुमार, प्रवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
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कैडर सचिव का वेतन दिलाने की मांग भी उठाई
जिलाधिकारी से संगठन ने सहकारी समिति डालूपुर पर तैनात कैडर सचिव अजीत कुमार को 15 माह से वेतन न मिलने की भी शिकायत की। उन्होंने बताया कि समिति अध्यक्ष द्वारा बिल पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। इस संबंध में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक को भी अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने वेतन भुगतान कराने की भी मांग की है।
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उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सोमवार को जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह से मिलने पहुंचे। अध्यक्ष हरिपाल सिंह ने बताया कि हर वर्ष पीसीएफ द्वारा सहकारी समितियों को खरीद केंद्र बनाया जाता है। लेकिन कमीशन का भुगतान नहीं किया जाता है। चालू वित्तीय वर्ष में हुई गेहूं खरीद में भी जिलाधिकारी के आदेश पर समितियों पर सचिवों ने खरीद की थी। इसके बाद भी कमीशन पीसीएफ द्वारा नहीं दिया गया है। इससे सचिवों को वेतन नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि अब धान खरीद के लिए पीसीएफ ने सहकारी समितियों को केंद्र बना दिया है। इससे नाराज सचिवों ने ज्ञापन सौंपकर बकाया कमीशन दिलाने की मांग की है। उन्होंने कमीशन मिलने तक जिले की सभी 58 सहकारी समितियां बंद कर कोई भी कार्य न करने का निर्णय लिया। इस दौरान वेदप्रकाश यादव, प्रबल प्रताप सिंह, कमल चौहान, सुखवीर, राजेश कुमार, प्रवीन कुमार आदि मौजूद रहे।
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कैडर सचिव का वेतन दिलाने की मांग भी उठाई
जिलाधिकारी से संगठन ने सहकारी समिति डालूपुर पर तैनात कैडर सचिव अजीत कुमार को 15 माह से वेतन न मिलने की भी शिकायत की। उन्होंने बताया कि समिति अध्यक्ष द्वारा बिल पर हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। इस संबंध में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक को भी अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने वेतन भुगतान कराने की भी मांग की है।
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