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आग लगाकर हो रहा है कूड़े का निस्तारण
Updated Thu, 19 Apr 2018 08:21 PM IST
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आग
- फोटो : डैमो
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वृंदावन (मथुरा)। एनजीटी के कड़े रुख और जुर्माने के बाद भी जिला और नगर निगम प्रशासन कूड़ा निस्तारण के प्रति गंभीर नहीं है। अब भी कूड़े का निस्तारण आग लगाकर किया जा रहा है। कूड़े के ढेर में लगी आग और उठते धुएं से वायु प्रदूषण की समस्या प्रशासन बेपरवाह बना है।
मथुरा वृंदावन नगर निगम के द्वारा पानीगांव ऐप्रोच मार्ग पर बने डंपिंग ग्राउंड पर वृंदावन में एकत्रित हुए कूड़े का डाला जाता है। इस कूड़े को निस्तारण की प्रक्रिया नगर निगमकर्मी आग लगाकर कर रहे हैं। आए दिन कूड़े में आग लगाए जाने की स्थानीय लोग शिकायत करते रहते हैं, लेकिन न जिला प्रशासन गंभीर है और न नगर निगम को कोई परवाह है।
कूड़े से उठने वाले जहरीले धुएं के कारण कांशीराम आवासीय कालोनी, कैलाश नगर कॉलोनी, गांव अक्रूर सहित कई रिहाइशी इलाके के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि आग लगते ही रात में पूरे इलाके में धुआं छा जाता है और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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एनजीटी में याचिकाकर्ता महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ल ने कहा कि वृंदावन में कूड़े को जलाने पर गत वर्ष एनजीटी ने तत्कालीन डीएम मथुरा, वृंदावन पालिका के ईओ पर 5-5 लाख और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान स्थिति को भी एनजीटी में रखेंगे।
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मथुरा वृंदावन नगर निगम के द्वारा पानीगांव ऐप्रोच मार्ग पर बने डंपिंग ग्राउंड पर वृंदावन में एकत्रित हुए कूड़े का डाला जाता है। इस कूड़े को निस्तारण की प्रक्रिया नगर निगमकर्मी आग लगाकर कर रहे हैं। आए दिन कूड़े में आग लगाए जाने की स्थानीय लोग शिकायत करते रहते हैं, लेकिन न जिला प्रशासन गंभीर है और न नगर निगम को कोई परवाह है।
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कूड़े से उठने वाले जहरीले धुएं के कारण कांशीराम आवासीय कालोनी, कैलाश नगर कॉलोनी, गांव अक्रूर सहित कई रिहाइशी इलाके के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि आग लगते ही रात में पूरे इलाके में धुआं छा जाता है और लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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एनजीटी में याचिकाकर्ता महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ल ने कहा कि वृंदावन में कूड़े को जलाने पर गत वर्ष एनजीटी ने तत्कालीन डीएम मथुरा, वृंदावन पालिका के ईओ पर 5-5 लाख और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर एक लाख का जुर्माना भी लगाया, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान स्थिति को भी एनजीटी में रखेंगे।