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कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:17 PM IST
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कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। कलक्ट्रेट में गुरुवार को उप्र मिनिस्ट्रियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने 13 सूत्रीय मांगाें को लेकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
उप्र मिनिस्ट्रियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट स्थित पार्क में प्रदर्शन किया। इस मौके पर मंत्री दीपक सक्सेना ने कहा कि सरकार कलक्ट्रेट कर्मचारियों के प्रति उदासीनता बरत रही है। कार्यालयों में पदोन्नति के माध्यम से रिक्त पदों को भरा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायाब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर पदोन्नत किया जाए।
लेखा कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। भूलेख लिपिक को पहले की तरह कलक्ट्रेट में वापस किया जाए। कर्मियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ देते हुए सचिवालय के बराबर वेतन-भत्ते दिए जाएं। उन्होंने कहा यदि मांगें पूरी नहीं की जाती तो 22 जनवरी 2018 से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी।
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प्रदर्शन के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश पाल सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर होते लाल, रतनपाल सिंह, अनिल उपाध्याय,महेश यादव, निर्मल जैन, प्रदीप सक्सेना, सुशील श्रीवास्तव, हाकिम सिंह, उमेश बिहारी लाल, राजवीर सिंह यादव, महेश यादव, पुष्पेंद्र सिंह, हरिनंदन सिंह, बच्चन लाल, मनोज दीक्षित, ललित प्रताप, सुनील कुलश्रेष्ठ, प्रेमलता शर्मा, नीलम सक्सेना, मीरा देवी, गीता देवी आदि मौजूद रहे।
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उप्र मिनिस्ट्रियल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट स्थित पार्क में प्रदर्शन किया। इस मौके पर मंत्री दीपक सक्सेना ने कहा कि सरकार कलक्ट्रेट कर्मचारियों के प्रति उदासीनता बरत रही है। कार्यालयों में पदोन्नति के माध्यम से रिक्त पदों को भरा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायाब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर पदोन्नत किया जाए।
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लेखा कार्य संपादित करने वाले पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए। भूलेख लिपिक को पहले की तरह कलक्ट्रेट में वापस किया जाए। कर्मियों को समान कार्य समान वेतन का लाभ देते हुए सचिवालय के बराबर वेतन-भत्ते दिए जाएं। उन्होंने कहा यदि मांगें पूरी नहीं की जाती तो 22 जनवरी 2018 से धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी।
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प्रदर्शन के बाद एडीएम वित्त एवं राजस्व महेश पाल सिंह को सौंपा गया। इस मौके पर होते लाल, रतनपाल सिंह, अनिल उपाध्याय,महेश यादव, निर्मल जैन, प्रदीप सक्सेना, सुशील श्रीवास्तव, हाकिम सिंह, उमेश बिहारी लाल, राजवीर सिंह यादव, महेश यादव, पुष्पेंद्र सिंह, हरिनंदन सिंह, बच्चन लाल, मनोज दीक्षित, ललित प्रताप, सुनील कुलश्रेष्ठ, प्रेमलता शर्मा, नीलम सक्सेना, मीरा देवी, गीता देवी आदि मौजूद रहे।