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51 विषय विशेषज्ञ आमंत्रित किए, विदेशी भाषा में कोई पढ़ाने वाला नहीं
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने आखिरकार अतिथि शिक्षकों को संबंधित संस्थानों व विभागों में पढ़ाने के लिए आमंत्रित कर दिया है। 12 संस्थानों व विभागों में कुल 51 विषय विशेषज्ञ आमंत्रित किए हैं। हालांकि विश्वविद्यालय के नियमित विभाग विदेशी भाषा में किसी भी विषय विशेषज्ञ को नहीं तैनात किया गया है। रशियन, फ्रेंच, जर्मन तीनों भाषाओं में छात्रों को पढ़ाने वाला कोई नहीं है। ललित कला संस्थान के फोटोग्राफी, संगीत, मूर्तिकला में भी कोई पढ़ाने वाला नहीं है। पेंटिंग व अप्लाइड आर्ट में एक-एक शिक्षक ही हैं।
कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किया। विषय विशेषज्ञ के लिए हुए साक्षात्कार में कुल 143 का चयन किया गया था। निर्णय लिया गया कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष ही विषय विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। अब 24 स्वीकृत पदों और 27 संविदा शिक्षकों के सापेक्ष विषय विशेषज्ञ आमंत्रित किए गए हैं।
कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ के विदेशी भाषा विभाग में संचालित जर्मन, फ्रेंच, रशियन भाषाओं विषय विशेषज्ञ नहीं मिले हैं। गत सत्रों में पढ़ा रहे करीब छह शिक्षक विभिन्न विभागों से उम्र 65 वर्ष से अधिक होने के नाते हटा दिया गया।
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जर्मन और फ्रेंच भाषा में शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं हैं। जर्मन भाषा में विषय विशेषज्ञ रखे जाने के लिए साक्षात्कार ही नहीं हो पाया था। फ्रेंच व रशियन भाषा के लिए साक्षात्कार हुए थे। फ्रेंच भाषा में पद स्वीकृत न होने से विषय विशेषज्ञ नहीं दिया गया है। रशियन भाषा में एक पद स्वीकृत है। साक्षात्कार भी हुआ था। अर्हता पूरी न होने से विषय विशेषज्ञ को आमंत्रित नहीं किया गया। तीनों भाषाओं के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व एडवांस्ड डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 200 से अधिक प्रवेश होते हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट को भी विषय विशेषज्ञ नहीं मिले हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि औचित्य निर्धारण की रिपोर्ट आने के बाद बाकी संस्थानों व विभागों में विषय विशेषज्ञ रखे जाने हैं।
सर्वाधिक 20 विषय विशेषज्ञ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) को मिले हैं। इसके बाद गृह विज्ञान संस्थान में 10, केएमआई में छह, फार्मेसी विभाग में पांच, समाज विज्ञान संस्थान और कंप्यूटर सेंटर को दो-दो, गणित विभाग, रसायन विज्ञान विभाग, कंप्यूटर साइंस विभाग, लाइब्रेरी एंड इन्फार्मेशन साइंस, वनस्पति विज्ञान विभाग, जंतु विज्ञान विभाग को एक-एक विषय विशेषज्ञ दिया गया है।
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कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने इस संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किया। विषय विशेषज्ञ के लिए हुए साक्षात्कार में कुल 143 का चयन किया गया था। निर्णय लिया गया कि स्वीकृत पदों के सापेक्ष ही विषय विशेषज्ञ तैनात किए जाएंगे। अब 24 स्वीकृत पदों और 27 संविदा शिक्षकों के सापेक्ष विषय विशेषज्ञ आमंत्रित किए गए हैं।
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कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ के विदेशी भाषा विभाग में संचालित जर्मन, फ्रेंच, रशियन भाषाओं विषय विशेषज्ञ नहीं मिले हैं। गत सत्रों में पढ़ा रहे करीब छह शिक्षक विभिन्न विभागों से उम्र 65 वर्ष से अधिक होने के नाते हटा दिया गया।
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जर्मन और फ्रेंच भाषा में शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं हैं। जर्मन भाषा में विषय विशेषज्ञ रखे जाने के लिए साक्षात्कार ही नहीं हो पाया था। फ्रेंच व रशियन भाषा के लिए साक्षात्कार हुए थे। फ्रेंच भाषा में पद स्वीकृत न होने से विषय विशेषज्ञ नहीं दिया गया है। रशियन भाषा में एक पद स्वीकृत है। साक्षात्कार भी हुआ था। अर्हता पूरी न होने से विषय विशेषज्ञ को आमंत्रित नहीं किया गया। तीनों भाषाओं के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा व एडवांस्ड डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 200 से अधिक प्रवेश होते हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट को भी विषय विशेषज्ञ नहीं मिले हैं। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. प्रदीप श्रीधर का कहना है कि औचित्य निर्धारण की रिपोर्ट आने के बाद बाकी संस्थानों व विभागों में विषय विशेषज्ञ रखे जाने हैं।
सर्वाधिक 20 विषय विशेषज्ञ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) को मिले हैं। इसके बाद गृह विज्ञान संस्थान में 10, केएमआई में छह, फार्मेसी विभाग में पांच, समाज विज्ञान संस्थान और कंप्यूटर सेंटर को दो-दो, गणित विभाग, रसायन विज्ञान विभाग, कंप्यूटर साइंस विभाग, लाइब्रेरी एंड इन्फार्मेशन साइंस, वनस्पति विज्ञान विभाग, जंतु विज्ञान विभाग को एक-एक विषय विशेषज्ञ दिया गया है।