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Agra News: 50 गांव बाढ़ की चपेट में, फिलहाल राहत नहीं
Fri, 15 Aug 2025 02:03 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Fri, 15 Aug 2025 02:03 AM IST
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फोटो 19 सोरोंजी के कादरबाड़ी स्कूल के आस-पास भरा बाढ़ का पानी स्रोत संवाद
कासगंज। बाढ़ की चपेट में आए जिले के 50 से अधिक गांव के ग्रामीणों की दुश्वारियां दिनो-दिन बढ़ती जा रही हैं। उनका जीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया है। हर बीतते दिन के साथ मुश्किलें नए रूप में सामने आ रही हैं। फिलहाल उन्हें राहत मिलती नहीं दिख रही। गावों तक आने-जाने वाले रास्तों में बाढ़ का पानी भरा होने के कारण कई दिन से आवागमन ठप होने से समस्याएं और विकराल हो रही हैं। गंगा का जलस्तर प्रवाह कम होेने से लगातार कम हो रहा है, लेकिन गंगा लगातार डेंजर लेवल के ऊपर बह रही है। प्रशासन और सिंचाई विभाग निरतंर सतर्कता बनाए हुए हैं। जिला एक सप्ताह पहले से गंगा में आई बाढ़ से उत्पन्न आपदा झेल रहा है। इसके कारण कासगंज और पटियाली तहसील क्षेत्र के 50 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। ये गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। प्रभावित इलाकों में ग्रामीणों के खेतों में, मार्गों, चरागाहों पर कई कई फुट पानी भरा है। पानी की सफेद चादर जैसी परत कई किलोमीटर के इलाके में नजर आ रही है। बाढ़ का पानी प्रभावित इलाकों में ठहर गया है। माना जा रही है कि जब गंगा के पानी का स्तर डेंजर लेवल से कम होगा तो यह पानी भी उतरेगा जिससे लोगों को राहत मिल सकेगी। ग्रामीणों को पल-पल जलस्तर में तेजी से कमी होने का इंतजार है। उन्हें फसलें बरबाद होने की चिंता सता रही है। तमाम ग्रामीण जहां-तहां ऊंचे स्थानों पर, घर की छतों पर डेरा जमाए हैं। वहीं कुछ इलाकों में सड़क किनारे सूखे स्थानों पर भी बाढ़ प्रभावितों लोगों ने बसेरा बना लिया है। पटियाली इलाके के मूंजखेड़ा, नगला हंसी, नगला जयकिशन, राजेपुर कुर्रा, नगला तरसी, नगला खंदारी, नेथरा, इंद्राजसनपुर, मेहोला, नवाबगंज नगरिया, टिकुरी गठौरा, कुसौल, जिझोल, पनसोती, अलीपुर भकुरी, रिकहरा, गठैरा, नरदौली पुख्ता सहित आस पास के ग्रामीण इलाकों में आबादी तक पानी भरा है। वहीं सहावर के अजीतनगर, उलाई, रफातपुर, सहवाजपुर, बमनपुरा, चकरा, नगला ढाव, नगला चोखे सहित तमाम इलाकों में खेतों और आबादी क्षेत्र में पानी जमा है। इससे ग्रामीणों का आवागमन ठप है और वह जरूरी कार्य के लिए ही नाव से आने-जाने के लिए विवश हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में विद्युत आपूर्ति भी ठप होने से ग्रामीणों को दिक्कत और बढ़ गई हैं। सुन्नगढ़ी मार्ग पर तो सड़क किनारे लगे विद्युत पोल भी बाढ़ के पानी में घिर गए। इससे आपूर्ति ठप पड़ी है। जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने बताया कि गंगानदी का जलस्तर लगातार कम होता जा रहा है। पीड़ितों को राहत मिलने लगी है। बाढ़ प्रभावितों को लगातार राहत दी जा रही है। आवागमन के लिए मोटरबोट संचालित हैं। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
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