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Agra News: 49 साल पहले आरएसएस प्रमुख ने रखी थी माधव भवन की नींव

Fri, 16 Jan 2026 02:54 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jan 2026 02:54 AM IST
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49 years ago, the RSS chief laid the foundation stone of Madhav Bhavan.
दिसंबर 1977 में माधव भवन की नींव की पहली ईंट रखते तत्कालीन संघ प्रमुख बाला साहेब देवरस। स्रोत:
आगरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का ब्रज प्रांत कार्यालय माधव भवन नए रंग रूप में बृहस्पतिवार से शुरू हो गया। संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने माधव भवन का लोकार्पण किया। ब्रज के 12 जिलों के कामकाज का संचालन इस भवन से होता है। 49 साल पहले इसकी नींव 20 दिसंबर 1977 को तत्कालीन आरएसएस प्रमुख बाला साहेब देवरस ने रखी थी। अमर उजाला के पुराने पन्नों में माधव भवन की नींव रखने से लेकर इसके लोकार्पण तक का ब्योरा दर्ज है।
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श्रीमाधव राव गोलवलकर स्मारक समिति ने ब्रज प्रांत के जिलों आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर और कासगंज में संघ के कामकाज के लिए जयपुर हाउस में माधव भवन की नींव रखी। अमर उजाला के पुराने पन्नों में दर्ज है कि 20 दिसंबर 1977 को संघ प्रमुख बाला साहेब देवरस भूमि पूजन के लिए आए थे। उन्होंने नींव की पहली ईंट रखी। चार साल तक इसका निर्माण कार्य चला। 2 मार्च 1981 को इसका लोकार्पण करने के लिए आरएसएस के तत्कालीन सरकार्यवाह प्रो. राजेंद्र सिंह उर्फ रज्जू भैया आए थे। दो मार्च की सुबह 8 से 10 बजे तक धार्मिक अनुष्ठान किए गए थे, जिन्हें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वेद विभाग के प्रवक्ता विश्वनाथ देव के निर्देशन में किया गया था। तब गुरु गोलवलकर के जीवन पर आधारित प्रदर्शन भी माधव भवन में लगाई गई थी। शाम को रज्जू भैया ने सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम को संबोधित किया था। लोकार्पण के समय समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर दयाल थे, जबकि मंत्री राधे श्याम शर्मा थे।
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मुख्यमंत्री लगाते थे माधव भवन का चक्कर
जयपुर हाउस के इसी माधव भवन में तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कई बार आए। अयोध्या के आंदोलन से पहले उन्होंने इस भवन में 20 सितंबर 1992 को संघ के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की थी, जिसमें तय हुआ था कि 5 हजार कारसेवक ब्रज प्रांत से अयोध्या कारसेवा के लिए भेजे जाएंगे। अयोध्या में ढांचा गिरने के बाद आरएसएस पर लगाया गया प्रतिबंध हटाया गया, तब 6 जून 1993 को संघ के तत्कालीन सरकार्यवाह एचवी शेषाद्रि यहां पहुंचे थे और संघ कार्यकर्ताओं के जश्न में शामिल हुए थे।
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अब राजस्थानी शैली में बनाया है नया भवन
माधव भवन से जुड़े संघ कार्यकर्ता विजय गोयल के मुताबिक नया भवन राजस्थानी, ब्रज शैली में बनाया गया है। यह पांच मंजिला है और तीन हॉल स्वयंसेवकों की बैठक के लिए बनाए गए हैं। इसमें 21 कमरे हैं और लिफ्ट की सुविधा रहेगी। संघ के ब्रज प्रांत के कामों का संचालन यहां से किया जाता है।
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