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नियम जमींदोज: बुलडोजर से उखाड़े 43 हरे पेड़, सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी बिल्डर का दुस्साहस, दर्ज हुआ केस

Mon, 07 Sep 2026 09:58 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 07 Sep 2026 09:58 AM IST
सार

आगरा के टीटीजेड क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद बिल्डर पर बिना अनुमति 43 हरे पेड़ बुलडोजर से उखड़वाने का आरोप लगा है। वन विभाग की जांच के बाद सिकंदरा थाने में बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
 

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43 Green Trees Uprooted by Bulldozer Despite Supreme Court Ban in TTZ, FIR Registered Against Builder
FIR Demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद भी बिल्डर ने दुस्साहस दिखाते हुए 43 हरे पेड़ों को बुलडोजर से उखड़वा दिया। बिना अनुमति सिकंदरा क्षेत्र में अकबरा रोड पर पेड़ काटने की जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम ने माैके पर पहुंचकर जांच की। शनिवार को सिकंदरा थाने में बिल्डर महेंद्र सिंघानिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
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शुक्रवार शाम को वन विभाग को गांव अकबरा में पेड़ काटे जाने की जानकारी मिली थी। बाईंपुर रेंज के वनरक्षक अखिलेश टीम के साथ माैके पर पहुंचे। टीम ने जांच की तो पता चला कि विलायती बबूल के 39, पापड़ी के दो, छेकुर का एक और देसी बबूल का एक पेड़ काटा गया। माैके पर मिले निशान और आसपास के लोगों से की गई पूछताछ में पता चला कि बुलडोजर से उखाड़े जाने के बाद पेड़ काटे गए।
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साथ ही बिल्डर महेंद्र सिंघानिया द्वारा पेड़ कटवाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने बिल्डर से पूछताछ की और बयान दर्ज किए। पता चला कि बिल्डर ने पेड़ काटने के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली थी। वनरक्षक अखिलेश ने बताया कि संबंधित जमीन अरतौनी के जंगल पास है। यह क्षेत्र टीटीजेड में आता है। पेड़ों को काटना सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुला उल्लंघन है।
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प्रति पेड़ एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान
टीटीजेड में पेड़ काटने के लिए सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) या डीएफओ की लिखित अनुमति आवश्यक है। बिना अनुमति पेड़ काटने पर प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। प्रति पेड़ एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही एक पेड़ के बदले 10 गुना पाैधरोपण करने के साथ ही पांच साल तक पाैधों की देखभाल करनी होती है।



डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि बिल्डर पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के उल्लंघन का आरोप है। वनरक्षक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  वहीं डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि अकबरा गांव में बिल्डर ने 43 पेड़ उखाड़े थे। टीम ने माैके पर जाकर जांच की है। आरोपी बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 
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