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दो तालों में बंद थे 42 लैपटॉप, फिर कैसे हो गए चोरी
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दो तालों में बंद थे 42 लैपटॉप, फिर कैसे हो गए चोरी
हॉलमैन इंस्टीट्यूट में पुलिस ने की जांच, तहसील और स्कूल के कर्मचारियों से होगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। हॉलमैन इंस्टीट्यूट के जिस कक्ष में मेधावी विद्यार्थियों को वितरित करने के लिए 42 लैपटॉप रखे गए थे, उसके बाहर दो ताले लगते थे। इनमें एक कक्ष के गेट पर तो दूसरा कक्षाओं के परिसर में आने वाली गैलरी के गेट पर लगता था। लैपटॉप वाले कक्ष की चाबी तहसील तो गैलरी के गेट की चाबी स्कूल के कर्मचारी पर रहती थी। अब पुलिस इन्हीं कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
सपा शासन में मेधावी छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए लैपटॉप वर्ष 2012 में खरीदे गए थे। यह कलक्ट्रेट के सामने स्थित हॉलमैन इंस्टीट्यूट में रखे थे। स्कूल में परीक्षाएं होने वाली हैं। इसको लेकर प्रधानाचार्य जॉर्ज मसीह ने प्रशासन से बड़े कक्ष को खाली करके दूसरे छोटे कक्ष में सामान रखने की अनुमति मांगी। तहसील की टीम 27 जुलाई को पहुंची थी। तब कक्ष में रखे 42 लैपटॉप नहीं मिले। इस पर पुलिस को जानकारी दी गई।
पुलिस ने कक्ष को देखा। इसमें पता चला कि कक्ष संख्या नौ में लैपटॉप के कार्टन थे। उसका ताला तहसील की टीम ने लगाया था। इसकी चाबी तहसील के कर्मचारी पर रहती थी। पांच साल से कक्ष का ताला नहीं खुला था। स्कूल परिसर में जहां पर कक्ष हैं, वहां पर गैलरी के गेट का भी ताला लगता है। गैलरी में एक तरफ आठ कक्ष बने हैं तो दूसरी तरफ लोहे की जाली लगी है। कक्ष संख्या नौ में गेट के ऊपर की खिड़की के गेट खुले हुए हैं। गैलरी के गेट का ताला स्कूल के कर्मचारी लगाते हैं। इसकी चाबी प्रधानाचार्य कक्ष में रहती है। ऐसे में लैपटॉप कैसे चोरी हो गए? इस सवाल का जवाब पुलिस तलाश रही है। पुलिस तहसील के कर्मचारी के साथ ही स्कूल के कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
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थाना नाई की मंडी के प्रभारी निरीक्षक शाह नजर अहमद का कहना है कि लैपटॉप चोरी की जांच की जा रही है। कक्ष में ताला लगाने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर थी, उनसे पूछताछ होगी। कक्ष की खिड़की बंद नहीं हैं। यह भी देखा जाएगा कि कोई खिड़की तोड़ी तो नहीं गई।
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हॉलमैन इंस्टीट्यूट में पुलिस ने की जांच, तहसील और स्कूल के कर्मचारियों से होगी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
आगरा। हॉलमैन इंस्टीट्यूट के जिस कक्ष में मेधावी विद्यार्थियों को वितरित करने के लिए 42 लैपटॉप रखे गए थे, उसके बाहर दो ताले लगते थे। इनमें एक कक्ष के गेट पर तो दूसरा कक्षाओं के परिसर में आने वाली गैलरी के गेट पर लगता था। लैपटॉप वाले कक्ष की चाबी तहसील तो गैलरी के गेट की चाबी स्कूल के कर्मचारी पर रहती थी। अब पुलिस इन्हीं कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
सपा शासन में मेधावी छात्र-छात्राओं को वितरित करने के लिए लैपटॉप वर्ष 2012 में खरीदे गए थे। यह कलक्ट्रेट के सामने स्थित हॉलमैन इंस्टीट्यूट में रखे थे। स्कूल में परीक्षाएं होने वाली हैं। इसको लेकर प्रधानाचार्य जॉर्ज मसीह ने प्रशासन से बड़े कक्ष को खाली करके दूसरे छोटे कक्ष में सामान रखने की अनुमति मांगी। तहसील की टीम 27 जुलाई को पहुंची थी। तब कक्ष में रखे 42 लैपटॉप नहीं मिले। इस पर पुलिस को जानकारी दी गई।
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पुलिस ने कक्ष को देखा। इसमें पता चला कि कक्ष संख्या नौ में लैपटॉप के कार्टन थे। उसका ताला तहसील की टीम ने लगाया था। इसकी चाबी तहसील के कर्मचारी पर रहती थी। पांच साल से कक्ष का ताला नहीं खुला था। स्कूल परिसर में जहां पर कक्ष हैं, वहां पर गैलरी के गेट का भी ताला लगता है। गैलरी में एक तरफ आठ कक्ष बने हैं तो दूसरी तरफ लोहे की जाली लगी है। कक्ष संख्या नौ में गेट के ऊपर की खिड़की के गेट खुले हुए हैं। गैलरी के गेट का ताला स्कूल के कर्मचारी लगाते हैं। इसकी चाबी प्रधानाचार्य कक्ष में रहती है। ऐसे में लैपटॉप कैसे चोरी हो गए? इस सवाल का जवाब पुलिस तलाश रही है। पुलिस तहसील के कर्मचारी के साथ ही स्कूल के कर्मचारियों से पूछताछ करेगी।
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थाना नाई की मंडी के प्रभारी निरीक्षक शाह नजर अहमद का कहना है कि लैपटॉप चोरी की जांच की जा रही है। कक्ष में ताला लगाने की जिम्मेदारी जिन लोगों पर थी, उनसे पूछताछ होगी। कक्ष की खिड़की बंद नहीं हैं। यह भी देखा जाएगा कि कोई खिड़की तोड़ी तो नहीं गई।