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मनरेगा घोटाला की कार्रवाई रिपोर्ट तक सिमटी
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एटा। जिले के सकीट ब्लॉक में हुए मनरेगा घोटाले में कार्रवाई एफआईआर तक सिमट कर रह गई है। प्रशासन ने दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। साथ ही शासन ने ब्लॉक में अन्य वित्तीय वर्षों में हुए मनरेगा कार्यों की जांच के निर्देश दिए हैं।
विकास खंड सकीट में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में 37 कच्चे-पक्के कामों में घोटाला किया था। जांच अधिकारी डीडीओ एसएन सिंह कुशवाह ने कार्यों का सत्यापन किया, तो मौके पर कार्य हुए नहीं मिले। तमाम कार्यों में फर्जी तरीके से क्षेत्र पंचायत से भुगतान किया था।
प्रशासन ने ब्लॉक के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ज्ञान सिंह, लेखाकार इकबाल, एपीओ राहुल और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, मगर फिर भी कार्रवाई लटक गई है। न तो प्रशासन ने दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की और न ही पुलिस ने कार्रवाई की।
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माना जा रहा है कि अधिकारी, कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इधर, शासन ने विकास खंड सकीट में मनरेगा के तहत अन्य वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए हैं। नोडल अधिकारी ने भी मनरेगा की प्रगति और घोटाले को लेकर नाराजगी जताई है।
सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने बताया कि मनरेगा घोटाले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। एपीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर को सेवा समाप्ति के लिए नोटिस दिया गया है। जबकि अन्य दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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विकास खंड सकीट में वर्ष 2016-17 और 2017-18 में 37 कच्चे-पक्के कामों में घोटाला किया था। जांच अधिकारी डीडीओ एसएन सिंह कुशवाह ने कार्यों का सत्यापन किया, तो मौके पर कार्य हुए नहीं मिले। तमाम कार्यों में फर्जी तरीके से क्षेत्र पंचायत से भुगतान किया था।
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प्रशासन ने ब्लॉक के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी ज्ञान सिंह, लेखाकार इकबाल, एपीओ राहुल और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, मगर फिर भी कार्रवाई लटक गई है। न तो प्रशासन ने दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की और न ही पुलिस ने कार्रवाई की।
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माना जा रहा है कि अधिकारी, कर्मचारियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इधर, शासन ने विकास खंड सकीट में मनरेगा के तहत अन्य वर्षों में हुए विकास कार्यों की जांच के निर्देश दिए हैं। नोडल अधिकारी ने भी मनरेगा की प्रगति और घोटाले को लेकर नाराजगी जताई है।
सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने बताया कि मनरेगा घोटाले में दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। एपीओ और कंप्यूटर ऑपरेटर को सेवा समाप्ति के लिए नोटिस दिया गया है। जबकि अन्य दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा है।