फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, कई होर्डिंग और पेड़ गिरे

तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, कई होर्डिंग और पेड़ गिरे

Tue, 22 Jan 2019 10:46 PM IST
faeem faeem faeem faeem
Updated Tue, 22 Jan 2019 10:46 PM IST
विज्ञापन
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, कई होर्डिंग और पेड़ गिरे
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, कई होर्डिंग और पेड़ गिरे - फोटो : अमर उजाला
एटा। मौसम में हुए अचानक बदलाव से ठंड में तो बढ़ोत्तरी हुई ही, इसके अलावा लोगों को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। सोमवार देर रात तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश और पड़े ओलों ने लोगों को कंपा दिया। तेज हवाओं के चलते जिले में कई होर्डिंग और पेड़ टूट कर सड़कों पर गिर गए, जिससे आवागमन बाधित हो गया। वहीं बारिश के चलते शहर में जिन स्थानों पर सीवर लाइन डाले जाने का काम चल रहा था, वहां सड़कें दलदल जैसी हो गईं। बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा बताया जा रहा है वहीं मटर सहित कुछ अन्य फसलों में नुकसान की आशंका भी जताई गई है।
विज्ञापन

सोमवार शाम से शुरू हुई बारिश पूरी रात जारी रही। यहां देहात में रिमझिम बारिश हुई, जबकि शहर में झमाझम। इससे शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति हो गई। पूरी रात तेज हवा भी चलती रही। इससे कलेक्ट्रेट रोड, जीटी रोड, आगरा रोड, गांधी मार्केट रोड पर होर्डिंग गिर गए। इसके अलावा बापू नगर, नई बस्ती और भगीपुर में सड़क पर पेड़ गिर गए। इससे रास्ता बाधित हो गया। राहगीरों को आने जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। मोहल्ले के लोगों ने पेड़ को रास्ते से हटाया। इसके बाद स्कूली बच्चे और राहगीर निकल पाए। बारिश के बाद मौसम में अचानक बदलाव हो गया। ठंड वापस लौटती दिखाई दी। ठंड बढ़ने से लोगों ने उससे बचाव के प्रयास किए। वहीं बारिश से जहां गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। वहीं मटर की फसल को नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि कृषि अधिकारी और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जहां ओले गिरे हैं, वहां सरसों की फसल भी नुकसान हुआ है। इसके अलावा आलू और तंबाकू की फसल के लिए अभी तक कोई नुकसान नहीं है। इससे अधिक बारिश होती है तो फसल प्रभावित होगी।
विज्ञापन

- सीवर लाइन की जगह बन गया दलदल
शहर में सीवर लाइन डाले जाने का काम चल रहा है। शहर के सिविल लाइन, अवागढ़ हाउस, नरायन नगर, कैलाशगंज, होली मोहल्ला, किदवई नगर, फूलबाग कालोनी, पीपल अड्डा आदि स्थानों पर बारिश की वजह से फिसलन की स्थिति बनी रही। इससे राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां से निकलने वाले लोग संभल कर निकलते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रदर्शनी मैदान में भर गया पानी
बारिश के चलते प्रदर्शनी मैदान में कीचड़ हो गई। दुकान बंद रही। पूरे दिन प्रदर्शनी में सन्नाटा रहा। दरअसल, कोई प्रदर्शनी में जाने का मन भी बनाता तो फिसलन और कीचड़ होने की वजह से लौट रहा। कीचड़ को देखकर दुकानदारों ने भी अपनी अपनी दुकान नहीं खोली।
किसान और विशेषज्ञों की बात
गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है। इससे किसानों को एक पानी का फायदा हो गया है। अब खेत में यूरिया खाद लगाया जा सकेगा। - चंद्रशेखर यादव, कुंजलपुर
जितनी बारिश हुई है। उससे तो बहुत ज्यादा अभी आलू की फसल में नुकसान नहीं है। अगर अभी भी बारिश होती है तो नुकसान हो सकता है। - पप्पू यादव, नगला गंगाह्य
अभी तक हुई बारिश से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं है। जहां ओले गिरे हैं, वहां सरसों को थोड़ा बहुत नुकसान हो सकता है। अगर ज्यादा बारिश होती है तो दलहन की फसल को नुकसान होगा। - विजय शंकर, उप कृषि निदेशक
गेहूं की फसल के लिए बारिश फायदे मंद है। मटर को थोड़ा नुकसान है। जहां भी ओले गिरे हैं, वहां सरसों की फसल को नुकसान है, क्योंकि कहीं सरसों कट चुकी है तो कहीं कटने को पकी फसल खड़ी है। अभी हुई बारिश से अधिक पानी पड़ता है तो आलू और तंबाकू को नुकसान हो सकता है। -डा. दिनेश मिश्रा, कृषि विशेषज्ञ


बारिश व ओलों से बदला मौसम का मिजाज
कासगंज। जनपद में सोमवार की रात्रि से शुरू हुई बारिश के बीच हल्के ओलों ने मौसम के मिजाज को बदल दिया। मौसम बदलने से किसान के चेहरे खिल उठे। वहीं बारिश से जलभराव हो जाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सोमवार को देर सांय से बारिश का दौर शुरू हो गया। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश हुई। रात्रि लगभग 11 बजे हल्की ओलों की छर्र भी आई। साथ ही रात भर बारिश का दौर बना रहा। यह दौर मंगलवार को सुबह के समय तक बना रहा। इसके बाद बारिश तो बंद हो गई, लेकिन आसमान में बादल घिरे रहे। बिन मौसम हुई इस बारिश ने सबसे अधिक खुशी किसान को दी। खेतों में इस समय गेहूं की फसल का सीजन चल रहा है। पिछले कई दिनों से तेज धूप निकलने से मौसम में गर्माहट महसूस होने लगी थी, जिससे किसान को चिंता में डाल रखा था। बारिश हो जाने से किसान के चेहरे पर चमक आ गई। बारिश से शहरी क्षेत्र में जलभराव हो गया। आवास विकास कालोनी, लवकुश नगर, गंगेश्वर कालोनी सहित कई बस्तियों की गलियों में जलभराव हो गया। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामन करना पड़ा। कई क्षेत्रों में यह जलभराव मंगलवार को भी बना रहा।

बिजली व्यवस्था भी चरमराई
कासगंज। बारिश ने बिजली व्यवस्था पर भी काफी असर डाला। बारिश शुरू होने के साथ ही बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में डूब गए। कई स्थानों पर बिजली की लाइनों में फॉल्ट आ गए। विभाग को इन फॉल्टों को ठीक करने में काफी दिक्क्तें हुई। बिलराम फीडर, नवाबगंज, नमैनी, भिटौना सहित कई फीडर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। शहरी क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को तो बहाल करने में विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी। कई घंटों की मशक्कत के बाद शहरी क्षेत्र में देर रात को ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल हो गई। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रभावित आपूर्ति को दुरुस्त करने में कोई ध्यान नही दिया गया, जिससे पूरी रात तमाम ग्रामीण क्षेत्र अंधेरे में डूबे रहे। विभाग मंगलवार को दिन के समय भी ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति को बहाल नहीं कर सका। लापरवाही से ग्रामीणों में रोष देखा गया।

तहसील क्षेत्र में रात के समय बारिश के साथ हल्के व काफी छोटे ओले पड़े, जिससे फसल को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। बारिश से किसी भी स्थान पर भवन, दीवार आदि गिरने की सूचना भी नहीं हैं। -सुनील कुमार, एसडीएम कासगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed