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गंगा की कोख में तेल की संभावना बढ़ी
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:41 PM IST
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ओएनजीसी की टीम ने बोरिंग कराकर लिए नमूने
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
गंगा नदी के किनारे जमीन में तेल की संभावनाएं बढ़ गईं हैं। सर्वे टीम को कई स्थानों पर इस तरह के संकेत भी मिले हैं। हालांकि सर्वेक्षण टीम अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं करेगा, लेकिन इशारा किया है कि यहां तैलीय पदार्थ है। बुधवार को कई और नमूने भी लिए गए। प्रयोगशाला से नमूनों की गोपनीय रिपोर्ट सीधे मंत्रालय पहुंचेगी।
भूगर्भ में खनिज की खोज तमाम तकनीकि संसाधनों से की जा रही है। जीपीएस से लेकर सेटेलाइट सिस्टम भी इस सर्वेक्षण में सहयोगी का काम कर रहा है। कई स्थानों पर लिए गए नमूनों में सर्वे टीम ने प्रथम दृष्टया पाया है कि यहां तेल की प्रबल संभावना है। गंगा के किनारे यह टीम करीब 100 नमूने संकलित करेगी। इन सभी नमूनों को केंद्रीय प्रयोगशाला भेजने के बाद वहां से स्पष्ट करेगी की किस क्षेत्र में तैलीय पदार्थ हैं। जो नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं उन नमूनों पर जीपीएस से लोकेशन लेकर स्पष्ट किया जा रहा है कि नमूना किस क्षेत्र का है। यह लोकेशन नमूने पर चस्पा भी की जा रही है। ग्रामीण भी असमंजस की स्थिति में हैं। जिस गांव में भी तकनीकी संसाधन लेकर सर्वे टीम पहुंचती है। वहां के ग्रामीण जानने को आतुर रहते हैं कि आखिर यह टीम क्या पता कर रही है। बुधवार को सर्वे टीम नगला खार से लगभग 2 किलोमीटर गंगा किनारे आगे बढ़ी। यहां दो स्थानों पर बोरिंग कर अलग अलग नमूने संकलित किए।
जिले के लंबे क्षेत्रफल में होगी जांच
कासगंज। जिले की सीमा में एक लंबा क्षेत्रफल जांच के लिए चिह्नित किया गया है। लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में बोरिंग किए जाएंगे और फिर जिले में जांच पूरी करने के बाद टीम फर्रुखाबाद, कानपुर होते हुए इलाहाबाद की ओर बढ़ेगी।
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तकनीकी संसाधनों के माध्यम से जांच नमूने लिए जा रहे हैं। सभी नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। यह सर्वे कार्य शीघ्र ही पूरा करेंगे- रवि कुमार, पर्यवेक्षक ओएनजीसी।
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गंगा नदी के किनारे जमीन में तेल की संभावनाएं बढ़ गईं हैं। सर्वे टीम को कई स्थानों पर इस तरह के संकेत भी मिले हैं। हालांकि सर्वेक्षण टीम अभी पूरी तरह पुष्टि नहीं करेगा, लेकिन इशारा किया है कि यहां तैलीय पदार्थ है। बुधवार को कई और नमूने भी लिए गए। प्रयोगशाला से नमूनों की गोपनीय रिपोर्ट सीधे मंत्रालय पहुंचेगी।
भूगर्भ में खनिज की खोज तमाम तकनीकि संसाधनों से की जा रही है। जीपीएस से लेकर सेटेलाइट सिस्टम भी इस सर्वेक्षण में सहयोगी का काम कर रहा है। कई स्थानों पर लिए गए नमूनों में सर्वे टीम ने प्रथम दृष्टया पाया है कि यहां तेल की प्रबल संभावना है। गंगा के किनारे यह टीम करीब 100 नमूने संकलित करेगी। इन सभी नमूनों को केंद्रीय प्रयोगशाला भेजने के बाद वहां से स्पष्ट करेगी की किस क्षेत्र में तैलीय पदार्थ हैं। जो नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं उन नमूनों पर जीपीएस से लोकेशन लेकर स्पष्ट किया जा रहा है कि नमूना किस क्षेत्र का है। यह लोकेशन नमूने पर चस्पा भी की जा रही है। ग्रामीण भी असमंजस की स्थिति में हैं। जिस गांव में भी तकनीकी संसाधन लेकर सर्वे टीम पहुंचती है। वहां के ग्रामीण जानने को आतुर रहते हैं कि आखिर यह टीम क्या पता कर रही है। बुधवार को सर्वे टीम नगला खार से लगभग 2 किलोमीटर गंगा किनारे आगे बढ़ी। यहां दो स्थानों पर बोरिंग कर अलग अलग नमूने संकलित किए।
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जिले के लंबे क्षेत्रफल में होगी जांच
कासगंज। जिले की सीमा में एक लंबा क्षेत्रफल जांच के लिए चिह्नित किया गया है। लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में बोरिंग किए जाएंगे और फिर जिले में जांच पूरी करने के बाद टीम फर्रुखाबाद, कानपुर होते हुए इलाहाबाद की ओर बढ़ेगी।
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तकनीकी संसाधनों के माध्यम से जांच नमूने लिए जा रहे हैं। सभी नमूने प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। यह सर्वे कार्य शीघ्र ही पूरा करेंगे- रवि कुमार, पर्यवेक्षक ओएनजीसी।