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पांच घंटे आग की लपटें, धुआं और दहशत

Sat, 05 May 2018 11:07 PM IST
Updated Sat, 05 May 2018 11:07 PM IST
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पांच घंटे आग की लपटें, धुआं और दहशत
पांच घंटे आग की लपटें, धुआं और दहशत - फोटो : अमर उजाला
कासगंज। ट्रक और टैंकर की भीषण भिड़ंत के बाद शुक्रवार देर रात नींद के आगोश में सोए लोग जागे। तीर्थनगरी के मोहल्ला कटरा और बरेली रोड के बाशिंदों के आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार देखकर होश उड़ गए। चीखपुकार के बीच ऐसी दहशत और भगदड़ हुई लोग अपने घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ने लगे। लोगों को लगा कि कहीं पेट्रोल पंप पर हादसा हो गया है। इसका कारण पेट्रोल पंप का दुर्घटनास्थल से महज 100 कदम की दूरी पर होना था।
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हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन के माथे पर भी चिंता की लकीरें थीं। उन्होंने सबसे पहले पेट्रोल पंप बंद कराया और सुरक्षा के इंतजाम सुनिश्चित किए। इसके बाद पुलिस की गाड़ियों में लगे लाउडस्पीकरों से लोगों से घरों के सिलेंडर बंद रखने की अपील की गई और लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया। प्रशासन की उद्घोषणा के बाद लोगों में दहशत का आलम हो गया। लोग सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। कुछ लोग घरों की छतों पर और तो कुद पास के ही एक ईंट भट्ठे पर एकत्रित हो गए। पुलिस ने कासगंज-बरेली मार्ग की बिजली आपूर्ति भी ठप करा दी। आशंका के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस आपदा प्रबंधन के इंतजाम कर रही थी। दहशत का मंजर ऐसा था कि टैंकर और ट्रक के टायर भी आग से जलकर फट रहे थे और तेज आवाजें हो रहीं थीं। पांच घंटे तक आग की लपटें आसमान में उठतीं रहीं और काला धुआं चारों ओर फैल रहा था। धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। गनीमत रही कि मिथाइला एल्कोहल से भरे टैंकर में विस्फोट नहीं हुआ अन्यथा चारों तरफ तबाही का मंजर होता। दहशत, आग और धुआं के बीच लोगों ने बमुश्किल पांच घंटे गुजारे।
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क्या बोले चश्मदीद -
- रात्रि एक बजे के आस पास जैसे ही तेज धमाके जैसी आवाज हुई तो वे छत पर पहुंच गई। छत पर जाकर देखा तो टैंकर और ट्रक में जबरदस्त आग की लपटें उठ रहीं थीं। मन घबराने लगा। तरह तरह की आशंकाएं मन में आने लगीं- प्रदीप उपाध्याय, शिक्षाविद, सोरों
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- आग की लपटें इतनी तीव्र थीं की पूरा आसमान ही आग की लपटों से घिरा नजर आ रहा था। पूरी रात वे और उनके परिवारीजन सड़क पर इधर उधर घूमते रहे। गनीमत रही कि पेट्रोल पंप सुरक्षित रहा- कालीचरन, टेलर,सोरों
- रात में जैसे ही भगदड़ मची। पुलिस भी लोगों को घर से बाहर जाने की कह रही थी, ऐसे में आग को देखते हुए वह और उनके घर के लोग रात में भट्टे पर जाकर रहे- मंगोदेवी, वृद्धा, सोरों

- शुक्रवार की रात को ऐसी डरावनी रात बन जाएगी यह सोचा भी नहीं था, क्योंकि सामने तेज लपटें उठ रहीं थीं और शोर शराबा हो रहा था। हर कोई इधर उधर भाग रहा था। ऐसे में वह पैरों में तकलीफ के कारण कहीं जाने की स्थिति में नहीं थीं। घर के लोगों को घर के बाहर भेज दिय, लेकिन खुद भगवान का नाम लेकर घर में हीं रहीं- प्रेमवती, गहणी।
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