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कमरा बंद कर कराई शिलान्यास पत्थरों की गिनती
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:46 PM IST
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फिरोजाबाद। सपा सांसद अक्षय यादव को नगर निगम में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम के शिलान्यास पत्थर कबाड़ में मिलने के बाद नगर निगम में हड़कंप मचा है। सांसद की नाराजगी के बाद शुक्रवार को शिलान्यास पत्थर कबाड़ से उठाकर कमरे में रखवा कर कमरा बंद कर पत्थरों की गिनती कराई गई।
सपा सासंद अक्षय यादव गुरुवार को दोपहर में नगर निगम पहुंचे थे, जहां कबाड़ में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम लिखे शिलान्यास पत्थर पड़े थे। सपा शासन में मंजूर हुए विकास कार्यों से संबंधित पत्थर नहीं लगवाने पर सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई थी। सांसद के निरीक्षण के बाद नगर निगम अफसरों में खलबली मच गई।
शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री के नाम के शिलान्यास पत्थरों को उठाकर निर्माण विभाग के बगल में बने स्टोर में रखवा दिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने के कारण अधिकारी-कर्मचारियों के चेहरे की हवाईयां उड़ी हुई थीं। अवर अभियंताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के नाम के कितने पत्थर हैं, यह जानने के लिए स्टोर के कमरे को अंदर से बंद कर गिनती कराई गई।
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पूर्व मुख्यमंत्री घोषणा में स्वीकृति कार्यों की सूची अफसर फाइलों में खंगालते नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 24 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया था। इसमें तमाम कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं। ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों पर पट्टिकाएं नहीं लगाई।
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सपा सासंद अक्षय यादव गुरुवार को दोपहर में नगर निगम पहुंचे थे, जहां कबाड़ में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम लिखे शिलान्यास पत्थर पड़े थे। सपा शासन में मंजूर हुए विकास कार्यों से संबंधित पत्थर नहीं लगवाने पर सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई थी। सांसद के निरीक्षण के बाद नगर निगम अफसरों में खलबली मच गई।
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शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री के नाम के शिलान्यास पत्थरों को उठाकर निर्माण विभाग के बगल में बने स्टोर में रखवा दिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने के कारण अधिकारी-कर्मचारियों के चेहरे की हवाईयां उड़ी हुई थीं। अवर अभियंताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री के नाम के कितने पत्थर हैं, यह जानने के लिए स्टोर के कमरे को अंदर से बंद कर गिनती कराई गई।
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पूर्व मुख्यमंत्री घोषणा में स्वीकृति कार्यों की सूची अफसर फाइलों में खंगालते नजर आए। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 24 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया था। इसमें तमाम कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं। ठेकेदारों ने निर्माण कार्यों पर पट्टिकाएं नहीं लगाई।