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राजस्व टीम को दौड़ाने वालों के खिलाफ दर्ज होगी रिपोर्ट
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:39 PM IST
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यूपी पुलिस
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मारहरा (एटा)।
थाना क्षेत्र के सराय जरैलिया में अवैध कब्जा हटाने गई राजस्व टीम और पुलिस को दौड़ाना ग्रामीणों को महंगा पड़ सकता है। थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई शुुरू कर दी है।
गांव सराय जरैलिया में एक बहुत पुराना आबादी का पट्टा दलित रमेशचंद्र के नाम जारी हुआ था। जिस पर रामादेवी ने एक जाति बहुल गांव होने के चलते जबरन कब्जा कर लिया। आईजीआरएस, तहसील दिवस और मुख्यमंत्री के कार्यालयों से उचित कार्रवाई किए जाने के बाद भी रामादेवी कब्जा हटाने को तैयार नहीं हुई। इसी बीच रामादेवी के परिवारीजनों ने एक लेखपाल के जरिए अपना फर्जी पट्टा बनवाकर एसडीएम न्यायालय में वाद दायर कर दिया। पट्टा फर्जी पाए जाने पर कोर्ट ने थाना पुलिस को राजस्व विभाग की टीम का सहयोग किए जाने के लिए रमेश को कब्जा दिलाने के अलावा कब्जेदार के विरुद्ध एफआईआर कराने के आदेश दिए थे।
शनिवार को राजस्व टीम थाना दिवस के बाद दो एसआई के अलावा एक महिला कांस्टेबल के साथ पहुंचे। जैसे ही इसकी जानकारी हुुई तो सैकड़ों ग्रामीणों ने थाना पुलिस और राजस्व टीम को दौड़ा लिया। उपद्रवियों को देख राजस्व टीम एवं थाना पुलिस के हाथ पांव फूल गए। टीम बिना कब्जा दिलाए बैरंग लौट गई। अब थाना पुलिस एवं राजस्व कर्मियों ने पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।
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मामले में सत्ताधारी नेताओं का दखल
मारहरा। अवैध कब्जे के मामले में सत्ताधारी नेताओं के दखल की बात भी सामने आ रही है। एक ओर एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाकर सरकार अवैध कब्जों पर रोक लगा रही है। वहीं दूसरी ओर नेता ही अवैध कब्जों को बढ़ावा दे रहे हैं। गांव भुरिगवां में भी अवैध कब्जे को लेकर दो बार फायरिंग हो चुकी है, लेकिन सत्ता पक्ष के क्षेत्रीय नेता लगातार थाना पुलिस को गुमराह कर जबरन कब्जा कराने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सरकार कितनी सख्ती बरत पाती है, यह देखने वाली बात है।
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थाना क्षेत्र के सराय जरैलिया में अवैध कब्जा हटाने गई राजस्व टीम और पुलिस को दौड़ाना ग्रामीणों को महंगा पड़ सकता है। थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई शुुरू कर दी है।
गांव सराय जरैलिया में एक बहुत पुराना आबादी का पट्टा दलित रमेशचंद्र के नाम जारी हुआ था। जिस पर रामादेवी ने एक जाति बहुल गांव होने के चलते जबरन कब्जा कर लिया। आईजीआरएस, तहसील दिवस और मुख्यमंत्री के कार्यालयों से उचित कार्रवाई किए जाने के बाद भी रामादेवी कब्जा हटाने को तैयार नहीं हुई। इसी बीच रामादेवी के परिवारीजनों ने एक लेखपाल के जरिए अपना फर्जी पट्टा बनवाकर एसडीएम न्यायालय में वाद दायर कर दिया। पट्टा फर्जी पाए जाने पर कोर्ट ने थाना पुलिस को राजस्व विभाग की टीम का सहयोग किए जाने के लिए रमेश को कब्जा दिलाने के अलावा कब्जेदार के विरुद्ध एफआईआर कराने के आदेश दिए थे।
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शनिवार को राजस्व टीम थाना दिवस के बाद दो एसआई के अलावा एक महिला कांस्टेबल के साथ पहुंचे। जैसे ही इसकी जानकारी हुुई तो सैकड़ों ग्रामीणों ने थाना पुलिस और राजस्व टीम को दौड़ा लिया। उपद्रवियों को देख राजस्व टीम एवं थाना पुलिस के हाथ पांव फूल गए। टीम बिना कब्जा दिलाए बैरंग लौट गई। अब थाना पुलिस एवं राजस्व कर्मियों ने पीड़ित पक्ष से तहरीर लेकर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही।
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मामले में सत्ताधारी नेताओं का दखल
मारहरा। अवैध कब्जे के मामले में सत्ताधारी नेताओं के दखल की बात भी सामने आ रही है। एक ओर एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स बनाकर सरकार अवैध कब्जों पर रोक लगा रही है। वहीं दूसरी ओर नेता ही अवैध कब्जों को बढ़ावा दे रहे हैं। गांव भुरिगवां में भी अवैध कब्जे को लेकर दो बार फायरिंग हो चुकी है, लेकिन सत्ता पक्ष के क्षेत्रीय नेता लगातार थाना पुलिस को गुमराह कर जबरन कब्जा कराने की बात कह रहे हैं। ऐसे में सरकार कितनी सख्ती बरत पाती है, यह देखने वाली बात है।