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जीएसटी : बाजार नहीं तैयार, ठप रहा कारोबार
Updated Sat, 01 Jul 2017 11:51 PM IST
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आगरा। जीएसटी युग के पहले दिन जनपद में लगभग सभी ट्रेडों में व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। कपड़ा बाजार, गल्ला मंडी बंद रहे। दवा, जूता, इलेक्ट्रानिक्स, सराफा में भी सन्नाटा पसरा रहा। पान मसाला कारोबारियों ने भी शनिवार को दुकानदारों को माल विक्रय नहीं किया। तकनीकी गड़बड़ी के कारण जीएसटी के साथ बिल नहीं बनाए जा सके। कई दुकानदारों के जीएसटी सिस्टम भी अपडेट नहीं थे। यही कारण रहा कि शहर के अधिकांश बड़े प्रतिष्ठानों में जीएसटी लागू होने के पहले दिन बिक्री की स्थिति लगभग ठप ही रही।
जीएसटी लागू होने से पहले जहां इलेक्ट्रानिक्स और मोबाइल बाजारों में आफरों की धूम थी, वहीं शनिवार को शाह मार्केट, संजय प्लेस, कमला नगर, सदर के इलेक्ट्रानिक्स बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। संजय प्लेस में एक इलेक्ट्रानिक शोरूम के मालिक विजय का कहना था कि दो दिन पहले तक पुराने स्टॉक को खत्म करने पर जोर था। आज इलेक्ट्रानिक सिस्टम में गड़बड़ी है। जीएसटी के साथ बिलिंग नहीं की जा सकी है।
वहीं जीएसटी लागू होने के विरोध में थोक का कपड़ा बाजार बंद रहा। सुभाष बाजार, संजय प्लेस कपड़ा मार्केट, शिवाजी बाजार, शाहगंज के बाजार पूरी तरह बंद रहे। सिंधी बाजार में दुकानें खुली रहीं लेकिन ये छोटे दुकानदार हैं। कई दुकानदारों ने जीएसटी लागू होने के बाद मैनुअल बिल बनाकर भी ग्राहकों को दिए। कुछ दुकानदारों का कहना था कि उन्हें अभी तक जीएसटी का पंजीकरण नंबर ही जारी नहीं किया गया है। इससे नई बिल बुक छपवाने में दिक्कत आ रही है।
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जयपुर हाउस स्थित ईजी-डे में भी बिलिंग सिस्टम अपडेट नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। इसी तरह आगरा में कई गुटका, पान मसाला निर्माता कंपनियों ने भी माल का वितरण दुकानदारों को नहीं किया। शुक्रवार तक पुराना स्टाक तो खत्म किया मगर नया माल बाजार में नहीं उतारा है। इसी तरह फव्वारा स्थित दवा का थोक बाजार भी जीएसटी के संग नहीं चल सका। यहां पुराने तरीके से ही बिलिंग की जा रही थी। दूसरी ओर, सराफा बाजार में भी जीएसटी लागू होने का असर दिखाई दिया। यहां टैक्स एक फीसदी से बढ़ाकर तीन फीसदी किया गया है। इस कारण सराफा बाजार में भी ज्यादा सौदे नहीं हुए। रिटेलर्स के यहां खरीदारी हुई। ज्यादातर व्यवसायियों का कहना था कि अभी जीएसटी के लिए बाजार तैयार नहीं हो सका है, लेकिन जल्द ही बाजार में रफ्तार दिखाई देगी।
बिग बाजार चला जीएसटी के संग
संजय प्लेस स्थित बिग बाजार ही जीएसटी के संग चलता नजर आया। जीएसटी लागू होने पर मध्यरात्रि 12 से तीन बजे तक जहां बिग बाजार में उपभोक्ताओं को आफर दिए गए। वहीं शनिवार को भी जीएसटी के साथ बिलिंग की गई। उपभोक्ताओं ने ज्यादातर खाद्य सामग्री और कपड़ों की खरीदारी की। यहां खरीदारी करने आए पवन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने खानपान का सामान लिया है। कुछ छिटपुट सामान भी है। जीएसटी लागू होने के बाद एक हजार रुपये के सामान में 110 रुपये का अंतर आया है। इतना उतार-चढ़ाव चलता रहता है।
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जीएसटी लागू होने से पहले जहां इलेक्ट्रानिक्स और मोबाइल बाजारों में आफरों की धूम थी, वहीं शनिवार को शाह मार्केट, संजय प्लेस, कमला नगर, सदर के इलेक्ट्रानिक्स बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ था। संजय प्लेस में एक इलेक्ट्रानिक शोरूम के मालिक विजय का कहना था कि दो दिन पहले तक पुराने स्टॉक को खत्म करने पर जोर था। आज इलेक्ट्रानिक सिस्टम में गड़बड़ी है। जीएसटी के साथ बिलिंग नहीं की जा सकी है।
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वहीं जीएसटी लागू होने के विरोध में थोक का कपड़ा बाजार बंद रहा। सुभाष बाजार, संजय प्लेस कपड़ा मार्केट, शिवाजी बाजार, शाहगंज के बाजार पूरी तरह बंद रहे। सिंधी बाजार में दुकानें खुली रहीं लेकिन ये छोटे दुकानदार हैं। कई दुकानदारों ने जीएसटी लागू होने के बाद मैनुअल बिल बनाकर भी ग्राहकों को दिए। कुछ दुकानदारों का कहना था कि उन्हें अभी तक जीएसटी का पंजीकरण नंबर ही जारी नहीं किया गया है। इससे नई बिल बुक छपवाने में दिक्कत आ रही है।
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जयपुर हाउस स्थित ईजी-डे में भी बिलिंग सिस्टम अपडेट नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हुई। इसी तरह आगरा में कई गुटका, पान मसाला निर्माता कंपनियों ने भी माल का वितरण दुकानदारों को नहीं किया। शुक्रवार तक पुराना स्टाक तो खत्म किया मगर नया माल बाजार में नहीं उतारा है। इसी तरह फव्वारा स्थित दवा का थोक बाजार भी जीएसटी के संग नहीं चल सका। यहां पुराने तरीके से ही बिलिंग की जा रही थी। दूसरी ओर, सराफा बाजार में भी जीएसटी लागू होने का असर दिखाई दिया। यहां टैक्स एक फीसदी से बढ़ाकर तीन फीसदी किया गया है। इस कारण सराफा बाजार में भी ज्यादा सौदे नहीं हुए। रिटेलर्स के यहां खरीदारी हुई। ज्यादातर व्यवसायियों का कहना था कि अभी जीएसटी के लिए बाजार तैयार नहीं हो सका है, लेकिन जल्द ही बाजार में रफ्तार दिखाई देगी।
बिग बाजार चला जीएसटी के संग
संजय प्लेस स्थित बिग बाजार ही जीएसटी के संग चलता नजर आया। जीएसटी लागू होने पर मध्यरात्रि 12 से तीन बजे तक जहां बिग बाजार में उपभोक्ताओं को आफर दिए गए। वहीं शनिवार को भी जीएसटी के साथ बिलिंग की गई। उपभोक्ताओं ने ज्यादातर खाद्य सामग्री और कपड़ों की खरीदारी की। यहां खरीदारी करने आए पवन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने खानपान का सामान लिया है। कुछ छिटपुट सामान भी है। जीएसटी लागू होने के बाद एक हजार रुपये के सामान में 110 रुपये का अंतर आया है। इतना उतार-चढ़ाव चलता रहता है।