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अब वैष्णो देवी की तर्ज पर तैयार होगा गोवर्धन
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:04 AM IST
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गोवर्धन
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मथुरा। अब गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को वैष्णो देवी की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इस क्षेत्र के विकास के लिए श्राइन बोर्ड का भी गठन होगा। यह बोर्ड विकास कार्यों पर निरंतर निगरानी रखेगा। शासन ने बुधवार को हुई मीटिंग में इसके लिए 899 करोड़ की मंजूरी दे दी है। दंडवती परिक्रमा के लिए अलग से मार्ग को मंजूरी मिली है जबकि परिक्रमा का कच्चा मार्ग भी अलग से तैयार किया जाना है।
गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का सुंदरीकरण होगा। इसका मास्टर प्लान शासन स्तर पर बना लिया गया है। वैष्णो देवी की तर्ज पर गोवर्धन को तैयार किया जाना है। इसके लिए श्राइन बोर्ड का भी गठन किया जाना है। यही बोर्ड गोवर्धन के विकास को लेकर प्लानिंग करेगा। पार्किंग प्वाइंट से लेकर यात्री शेड तक बनवाए जाएंगे। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि गोवर्धन के विकास के लिए 899 करोड़ की मंजूरी हो गई है। एक कंपनी को डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है।
मथुरा के विकास की मानीटरिंग करेंगे मुख्यमंत्री
मथुरा का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में है। मथुरा और गोवर्धन के विकास की जो योजनाएं बनाईं गईं हैं उनकी मानीटरिंग सीधे मुख्यमंत्री ही करेंगे। माना जा रहा है कि विकास की योजनाओं को देखने के लिए मुख्यमंत्री मथुरा आ सकते हैं। परिक्रमा मार्ग का भी निरीक्षण कर सकते हैं। सरकारी अफसरों में इसकी सुगबुगाहट है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने सरकार गठन के साथ ही गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के विकास की बात कही थी।
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मथुरा को तीर्थस्थल बनाने के लिए काम शुरू
भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा को तीर्थस्थल बनाने के लिए काम शुरू हो गया है। वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव के विकास के लिए योजना बनने लगी है। सड़कों के निर्माण से लेकर कई बिंदुओं पर विकास के काम कराए जाने हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला हो जाएगा। ब्रज चौरासी कोस को मिलाकर तीर्थस्थल बनाया जाना है। सरकार ने इस दिशा में बड़ी तेजी के साथ काम शुरू कर दिया है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को शिद्दत के साथ उठाया है।
इस मुहिम से एक-एक करके सभी संगठन जुड़ रहे हैं। मथुरा को तीर्थस्थल बनाने के लिए मैराथन का भी आयोजन किया गया था। जिसमें सभी सियासी, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के जुड़े लोग शरीक हुए थे। सभी विधायक और जनप्रतिनिधि भी पहुंचे थे।
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गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग का सुंदरीकरण होगा। इसका मास्टर प्लान शासन स्तर पर बना लिया गया है। वैष्णो देवी की तर्ज पर गोवर्धन को तैयार किया जाना है। इसके लिए श्राइन बोर्ड का भी गठन किया जाना है। यही बोर्ड गोवर्धन के विकास को लेकर प्लानिंग करेगा। पार्किंग प्वाइंट से लेकर यात्री शेड तक बनवाए जाएंगे। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि गोवर्धन के विकास के लिए 899 करोड़ की मंजूरी हो गई है। एक कंपनी को डीपीआर बनाने के लिए कहा गया है।
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मथुरा के विकास की मानीटरिंग करेंगे मुख्यमंत्री
मथुरा का विकास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में है। मथुरा और गोवर्धन के विकास की जो योजनाएं बनाईं गईं हैं उनकी मानीटरिंग सीधे मुख्यमंत्री ही करेंगे। माना जा रहा है कि विकास की योजनाओं को देखने के लिए मुख्यमंत्री मथुरा आ सकते हैं। परिक्रमा मार्ग का भी निरीक्षण कर सकते हैं। सरकारी अफसरों में इसकी सुगबुगाहट है। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने सरकार गठन के साथ ही गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के विकास की बात कही थी।
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मथुरा को तीर्थस्थल बनाने के लिए काम शुरू
भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा को तीर्थस्थल बनाने के लिए काम शुरू हो गया है। वृंदावन, गोवर्धन, गोकुल, बरसाना, नंदगांव के विकास के लिए योजना बनने लगी है। सड़कों के निर्माण से लेकर कई बिंदुओं पर विकास के काम कराए जाने हैं।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जल्द ही इस संबंध में कोई फैसला हो जाएगा। ब्रज चौरासी कोस को मिलाकर तीर्थस्थल बनाया जाना है। सरकार ने इस दिशा में बड़ी तेजी के साथ काम शुरू कर दिया है। अमर उजाला ने इस मुद्दे को शिद्दत के साथ उठाया है।
इस मुहिम से एक-एक करके सभी संगठन जुड़ रहे हैं। मथुरा को तीर्थस्थल बनाने के लिए मैराथन का भी आयोजन किया गया था। जिसमें सभी सियासी, सामाजिक और धार्मिक संगठनों के जुड़े लोग शरीक हुए थे। सभी विधायक और जनप्रतिनिधि भी पहुंचे थे।