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145 अफसरों की टीम भी पूरा नहीं कर सकी लक्ष्य
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:52 PM IST
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मैनपुरी। जिले में सरकारी योजनाओं की हकीकत और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए गठित की गई 145 अधिकारियों की टीम सुस्त पड़ गई है। टीम गठन के चार माह बाद भी अभी तक टीम न कोई घोटाला उजागर कर सकी।
जिले में 145 अधिकारियों की टीम का गठन किया गया था। टीम को जिले में चल रही सरकारी योजनाओं और घोटालों की जांच के साथ फर्जीवाड़े को भी उजागर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
टीम को दूसरे विभागों के अतंर्गत चलने वाली योजनाओं की जांच मौके पर जाकर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। चार महीने गुजर जाने के बाद भी टीम कोई भी खुलासा नहीं कर सकी।
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गठित टीम जिले के गांवों में जाकर सभी प्रकार के पेंशन धारकों की जांच, जो भी व्यक्ति अपात्र पाया जाएगा, उसका नाम हटाकर पात्र लोगों का नाम मौके पर ही जोड़ना।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र पर चलने वाली शबरी संकल्प योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालयों की स्थिति, हैंडपंप, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शौचालयों की स्थिति बताने की जिम्मेदारी दीगई थी।
गांव में बिजली का हाल के साथ लोगों ने कितने कनेक्शन ले रखे हैं, इसकी भी जानकारी करनी थी। जिले में 145 अधिकारियों की गठित की गई टीम को गांव में तालाबों की स्थिति का जायजा भी करना था।
साथ ही मौके पर जाकर तालाब को खुदवाने और भरवाने की जिम्मेदारी भी थी। अधिकारी इस कार्य को करने में भी नाकाम साबित रहे। आज भी कई गांवों में तालाब को खोदा ही नहीं गया है।
वहीं कई तालाबों को आज तक भरा नहीं गया है। विकास भवन में बैठक के दौरान बरनाहल ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने तालाब नहीं भरवाए जाने का आरोप भी लगाया था।
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जिले में 145 अधिकारियों की टीम का गठन किया गया था। टीम को जिले में चल रही सरकारी योजनाओं और घोटालों की जांच के साथ फर्जीवाड़े को भी उजागर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
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टीम को दूसरे विभागों के अतंर्गत चलने वाली योजनाओं की जांच मौके पर जाकर करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। चार महीने गुजर जाने के बाद भी टीम कोई भी खुलासा नहीं कर सकी।
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गठित टीम जिले के गांवों में जाकर सभी प्रकार के पेंशन धारकों की जांच, जो भी व्यक्ति अपात्र पाया जाएगा, उसका नाम हटाकर पात्र लोगों का नाम मौके पर ही जोड़ना।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र पर चलने वाली शबरी संकल्प योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालयों की स्थिति, हैंडपंप, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शौचालयों की स्थिति बताने की जिम्मेदारी दीगई थी।
गांव में बिजली का हाल के साथ लोगों ने कितने कनेक्शन ले रखे हैं, इसकी भी जानकारी करनी थी। जिले में 145 अधिकारियों की गठित की गई टीम को गांव में तालाबों की स्थिति का जायजा भी करना था।
साथ ही मौके पर जाकर तालाब को खुदवाने और भरवाने की जिम्मेदारी भी थी। अधिकारी इस कार्य को करने में भी नाकाम साबित रहे। आज भी कई गांवों में तालाब को खोदा ही नहीं गया है।
वहीं कई तालाबों को आज तक भरा नहीं गया है। विकास भवन में बैठक के दौरान बरनाहल ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने तालाब नहीं भरवाए जाने का आरोप भी लगाया था।