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उमड़ी श्रद्धा अपार, गूंजे मातारानी की जयकार
Updated Sun, 25 Mar 2018 11:04 PM IST
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उमड़ी श्रद्धा अपार, जयकारों से गूंजे दरबार
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। हाथ में पूजा की थाली, मन में आस्था और लबों पर माता के जयकारे। ऐसा ही नजारा रविवार को देवी मंदिरों में देखने को मिला। नवरात्र के अंतिम दिन मां महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मातारानी के दर्शनों के लिए भक्तों में होड़ लगी रही। चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन देवी मां की पूजन-अर्चन को भक्त आतुर नजर आए।
देवी मंदिरों में भक्तों ने लाइन में लगकर देवी मां की पूजा की। भक्तों ने मातारानी को जल अर्पित कर और भोग लगाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही घरों में देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया गया। वहीं शहर में जगह-जगह भंडारों मेें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शहर के पथवारी मंदिर, काली मंदिर, शीतला देवी मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर समेत तमाम मंदिरों में भोर से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था।
इस दौरान भक्तों ने मातारानी को चुनरी, शृंगार का सामान और भोग समर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
नवरात्र के अंतिम दिन घरों में कन्या पूजन का आयोजन किया गया। सुबह से ही कन्याओं की टोलियां घरों मेें पूजन और भोजन के लिए निकल पड़ीं। भक्तों ने देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया। साथ ही उपहार स्वरूप चुनरी और गिफ्ट दिए। अलीगंज, जलेसर, जैथरा, राजा का रामपुर, सकीट, अवागढ़, मारहरा, मिरहची के देवी मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ नजर आई।
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भंडारों में खूब बंटा प्रसाद
नवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों के बाहर जमकर हलुआ और चना का प्रसाद बांटा गया। मंदिर के बाहर बैठे भिक्षुओं को श्रद्धालुओं ने दान कर पुण्य कमाया। बस स्टैंड के सामने देवी भक्तों ने भंडारे का आयोजन किया। ललितेश वर्मा, दिवाकर जैन, दिनेश वर्मा, अनिल, ओमपाल, संजय, जय कुमार, विमल, हेमेंद्र और आनंद मौजूद रहे। गांधी मार्केट में आयोजित भंडारे में सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड पहुंचे। अपूर्व वार्ष्णेय, बबलू, नपम चोला, राजन यादव, सुदेश यादव, इंद्रपाल यादव आदि मौजूद रहे।
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सकीट में बही श्रद्धा की बयार
सकीट। कस्बे में नवरात्र के अंतिम दिन माता महाकाली की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह भक्तों ने स्वागत किया। सत्यनारायण सविता, सुमित वार्ष्णेय, सहदेव, गिरेंद्र कुमार मौजूद रहे। वार्ष्णेय समाज मंदिर में पंडित शैलेश चतुर्वेदी के निर्देशन में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया।
मंदिरों मे लगे छप्पन भोग
जलेसर। नवरात्र महोत्सव के तहत मंदिरों में छप्पन भोग लगे, फूूल बंगला एवं घर घर में पूजा अर्चना कर कन्या लांगुरों को भोजन कराया गया। हवन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति दी। नगर के प्रमुख मंदिर मां पथवारी मंदिर पर छप्पन भोग एवं फूल बंगला के आयोजन के साथ प्रसाद वितरण हुआ। वहीं नगर के अन्य मंदिरों भैरो बगीची, महावीर गंज स्थिति दुर्गा मंदिर, श्रीराम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में हवन यज्ञ पूजा अर्चना के साथ प्रसाद वितरण हुआ।
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रामनवमी पर ढूंढनी पड़ीं कन्याएं
राजा का रामपुर। कस्बा में नवरात्र में उपवास रखने वालों ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना व्रत खोला। इस दौरान कस्बा में कन्याओं को ढूंढना पड़ा। नवरात्र पर पिछले एक सप्ताह से माता रानी के मंदिरों पर भोर से ही घंटा घड़ियाल गुंजायमान हो रहे थे। रविवार को सुबह माता रानी के भक्तों ने पूजा अर्चना कर हवन यज्ञ किया। इस दौरान माता रानी के मंदिरों पर मेला का आयोजन किया गया। कस्बे की बड़ी माता मंदिर, वेला देवी, सिंह वाहिनी, पथवारी माता का मंदिर, हनुमान गढ़ी, राध रानी मंदिर, बनखंडी मंदिर आदि पर मेला लगा।
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देवी मंदिरों में भक्तों ने लाइन में लगकर देवी मां की पूजा की। भक्तों ने मातारानी को जल अर्पित कर और भोग लगाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही घरों में देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया गया। वहीं शहर में जगह-जगह भंडारों मेें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शहर के पथवारी मंदिर, काली मंदिर, शीतला देवी मंदिर, जनता दुर्गा मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर समेत तमाम मंदिरों में भोर से ही श्रद्धालुओं का जुटना शुरू हो गया था।
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इस दौरान भक्तों ने मातारानी को चुनरी, शृंगार का सामान और भोग समर्पित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
नवरात्र के अंतिम दिन घरों में कन्या पूजन का आयोजन किया गया। सुबह से ही कन्याओं की टोलियां घरों मेें पूजन और भोजन के लिए निकल पड़ीं। भक्तों ने देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन कर भोजन कराया। साथ ही उपहार स्वरूप चुनरी और गिफ्ट दिए। अलीगंज, जलेसर, जैथरा, राजा का रामपुर, सकीट, अवागढ़, मारहरा, मिरहची के देवी मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ नजर आई।
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भंडारों में खूब बंटा प्रसाद
नवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों के बाहर जमकर हलुआ और चना का प्रसाद बांटा गया। मंदिर के बाहर बैठे भिक्षुओं को श्रद्धालुओं ने दान कर पुण्य कमाया। बस स्टैंड के सामने देवी भक्तों ने भंडारे का आयोजन किया। ललितेश वर्मा, दिवाकर जैन, दिनेश वर्मा, अनिल, ओमपाल, संजय, जय कुमार, विमल, हेमेंद्र और आनंद मौजूद रहे। गांधी मार्केट में आयोजित भंडारे में सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड पहुंचे। अपूर्व वार्ष्णेय, बबलू, नपम चोला, राजन यादव, सुदेश यादव, इंद्रपाल यादव आदि मौजूद रहे।
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सकीट में बही श्रद्धा की बयार
सकीट। कस्बे में नवरात्र के अंतिम दिन माता महाकाली की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह भक्तों ने स्वागत किया। सत्यनारायण सविता, सुमित वार्ष्णेय, सहदेव, गिरेंद्र कुमार मौजूद रहे। वार्ष्णेय समाज मंदिर में पंडित शैलेश चतुर्वेदी के निर्देशन में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया।
मंदिरों मे लगे छप्पन भोग
जलेसर। नवरात्र महोत्सव के तहत मंदिरों में छप्पन भोग लगे, फूूल बंगला एवं घर घर में पूजा अर्चना कर कन्या लांगुरों को भोजन कराया गया। हवन यज्ञ में श्रद्धालुओं ने आहुति दी। नगर के प्रमुख मंदिर मां पथवारी मंदिर पर छप्पन भोग एवं फूल बंगला के आयोजन के साथ प्रसाद वितरण हुआ। वहीं नगर के अन्य मंदिरों भैरो बगीची, महावीर गंज स्थिति दुर्गा मंदिर, श्रीराम मंदिर सहित अन्य मंदिरों में हवन यज्ञ पूजा अर्चना के साथ प्रसाद वितरण हुआ।
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रामनवमी पर ढूंढनी पड़ीं कन्याएं
राजा का रामपुर। कस्बा में नवरात्र में उपवास रखने वालों ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना व्रत खोला। इस दौरान कस्बा में कन्याओं को ढूंढना पड़ा। नवरात्र पर पिछले एक सप्ताह से माता रानी के मंदिरों पर भोर से ही घंटा घड़ियाल गुंजायमान हो रहे थे। रविवार को सुबह माता रानी के भक्तों ने पूजा अर्चना कर हवन यज्ञ किया। इस दौरान माता रानी के मंदिरों पर मेला का आयोजन किया गया। कस्बे की बड़ी माता मंदिर, वेला देवी, सिंह वाहिनी, पथवारी माता का मंदिर, हनुमान गढ़ी, राध रानी मंदिर, बनखंडी मंदिर आदि पर मेला लगा।