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प्राइवेट स्कूलों में वजीफा, ड्रेस और मिड डे मील की डील
Updated Sun, 18 Mar 2018 08:16 PM IST
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- फोटो : डैमो
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मथुरा। निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से छात्रों को सरकारी वजीफा, ड्रेस, किताब ओर मिड-डे मील दिलाने की डील कर रहे हैं। नए सत्र के लिए अभिभावकों को समझाया जा रहा है। इस खेल में सरकारी स्कूल के शिक्षक भी शामिल हैं।
शिक्षा के नए सत्र में निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से डील कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह अपने बच्चे का दाखिला उनके स्कूलों में करा दें तो उनके बच्चे को सरकारी वजीफा, ड्रेस, निशुल्क किताबें तथा मिड-डे मील की सुविधा दिला दी जाएगी।
अभिभावक अपने बच्चे को निजी स्कूल की शिक्षा और सरकारी सुविधाओं के पैकेज से खुश हैं। इसके लिए निजी स्कूल संचालक इन छात्रों का प्रवेश पास के ही सरकारी स्कूलों में ही करा देेते हैं।
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इस खेल से एक तरफ निजी स्कूल संचालकों के स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ रही है तो दूसरी ओर सरकारी स्कूल के अध्यापक अपनी नामांकन छात्र संख्या की टेंशन को दूर कर रहे हैं। ये खेल लंबे समय से खेला जा रहा है। क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने रहते हैं।
गोवर्धन के एक सरकारी स्कूल में इस खेल का खुलासा हुआ है। ये गंभीर मामला है। यहां निजी स्कूल के चार छात्रों का नाम दर्ज मिला है। हम जांच करा रहे हैं इसके लिए जिले भर के स्कूलों में जांच कराई जाएगी।
- संजीव कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा।
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शिक्षा के नए सत्र में निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से डील कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह अपने बच्चे का दाखिला उनके स्कूलों में करा दें तो उनके बच्चे को सरकारी वजीफा, ड्रेस, निशुल्क किताबें तथा मिड-डे मील की सुविधा दिला दी जाएगी।
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अभिभावक अपने बच्चे को निजी स्कूल की शिक्षा और सरकारी सुविधाओं के पैकेज से खुश हैं। इसके लिए निजी स्कूल संचालक इन छात्रों का प्रवेश पास के ही सरकारी स्कूलों में ही करा देेते हैं।
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इस खेल से एक तरफ निजी स्कूल संचालकों के स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ रही है तो दूसरी ओर सरकारी स्कूल के अध्यापक अपनी नामांकन छात्र संख्या की टेंशन को दूर कर रहे हैं। ये खेल लंबे समय से खेला जा रहा है। क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी सब कुछ जानकर भी अनजान बने रहते हैं।
गोवर्धन के एक सरकारी स्कूल में इस खेल का खुलासा हुआ है। ये गंभीर मामला है। यहां निजी स्कूल के चार छात्रों का नाम दर्ज मिला है। हम जांच करा रहे हैं इसके लिए जिले भर के स्कूलों में जांच कराई जाएगी।
- संजीव कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा।