{"_id":"5a8da9424f1c1ba2268bb9cb","slug":"31519233346-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्राम पंचायतों की निगरानी करेगा हमारी पंचायत पोर्टल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्राम पंचायतों की निगरानी करेगा हमारी पंचायत पोर्टल
Updated Wed, 21 Feb 2018 11:04 PM IST
विज्ञापन
web portal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा।
ग्राम पंचायतों की निगरानी के लिए अब ग्राम पंचायतों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब ग्राम पंचायतों को अपने प्रदर्शन का हिसाब भी सरकार को देना होगा। जिसके लिए सरकार ने हमारी पंचायत नाम से पोर्टल बनाया है। पंचायतीराज निदेशक ने पोर्टल को लेकर सभी डीएम और डीपीआरओ को पत्र लिखा है।
अब तक ग्राम पंचायतों को महज 14वें वित्त और राज्य वित्त आयोग के तहत धनराशि दी जाती थी। जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव मिलकर जमकर गोलमाल करते थे। साथ ही ग्राम पंचायतें विकास के नाम पर पिछड़ी रहती थीं। हालांकि कार्य और खर्च की मॉनीटरिंग के लिए केेंद्र सरकार ने प्लान प्लस, एक्शन साफ्ट और प्रिया सॉफ्ट पोर्टल बनाए हैं, लेकिन जिले में ग्राम पंचायतें फीडिंग कराने मेें भी मनमानी कर रही हैं। अब सरकार ने हर ग्राम पंचायत के प्रदर्शन को आंकने के लिए नई व्यवस्था दी है। अब हर ग्राम पंचायत को 14वें वित्त और राज्य वित्त आयोग के अलावा परफार्मेंस ग्रांट दी जाएगी लेकिन इस ग्रांट को पाने के लिए ग्राम पंचायतों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इसके तहत चार मापदंडों के आधार पर ग्राम पंचायतों का परीक्षण होगा। जिसमें केंद्र सरकार के पोर्टल पर फीडिंग और पिछले वर्ष के खर्च की जानकारी साझा करनी होगी। इसके साथ ही बीते दो वर्षों में ग्राम पंचायत के विकास में आए बदलाव की भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद जिला स्तरीय कमेटी परीक्षण करेगी। फिर राज्य स्तर पर जांच के बाद ग्राम पंचायत को ग्रांट दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने हमारी पंचायत नाम से पोर्टल बनाया है। इस पर जिले की हर ग्राम पंचायत को बिंदुवार फीडिंग करनी होगी। फीडिंग नहीं करने वाली ग्राम पंचायत को बजट नहीं मिलेगा। वहीं अच्छा काम करने वाली ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा। पंचायतीराज निदेशक ने डीपीआरओ को पत्र के साथ पोर्टल के लिए हर ग्राम पंचायत के यूजरनेम और पासवर्ड भेज दिए हैं।
ग्राम पंचायतों के लिए यह अच्छी प्रक्रिया है। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी। पोर्टल को लेकर हर ग्राम पंचायत को निर्देश भेजे गए हैं।
- धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों की निगरानी के लिए अब ग्राम पंचायतों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब ग्राम पंचायतों को अपने प्रदर्शन का हिसाब भी सरकार को देना होगा। जिसके लिए सरकार ने हमारी पंचायत नाम से पोर्टल बनाया है। पंचायतीराज निदेशक ने पोर्टल को लेकर सभी डीएम और डीपीआरओ को पत्र लिखा है।
अब तक ग्राम पंचायतों को महज 14वें वित्त और राज्य वित्त आयोग के तहत धनराशि दी जाती थी। जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव मिलकर जमकर गोलमाल करते थे। साथ ही ग्राम पंचायतें विकास के नाम पर पिछड़ी रहती थीं। हालांकि कार्य और खर्च की मॉनीटरिंग के लिए केेंद्र सरकार ने प्लान प्लस, एक्शन साफ्ट और प्रिया सॉफ्ट पोर्टल बनाए हैं, लेकिन जिले में ग्राम पंचायतें फीडिंग कराने मेें भी मनमानी कर रही हैं। अब सरकार ने हर ग्राम पंचायत के प्रदर्शन को आंकने के लिए नई व्यवस्था दी है। अब हर ग्राम पंचायत को 14वें वित्त और राज्य वित्त आयोग के अलावा परफार्मेंस ग्रांट दी जाएगी लेकिन इस ग्रांट को पाने के लिए ग्राम पंचायतों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इसके तहत चार मापदंडों के आधार पर ग्राम पंचायतों का परीक्षण होगा। जिसमें केंद्र सरकार के पोर्टल पर फीडिंग और पिछले वर्ष के खर्च की जानकारी साझा करनी होगी। इसके साथ ही बीते दो वर्षों में ग्राम पंचायत के विकास में आए बदलाव की भी जानकारी देनी होगी। इसके बाद जिला स्तरीय कमेटी परीक्षण करेगी। फिर राज्य स्तर पर जांच के बाद ग्राम पंचायत को ग्रांट दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने हमारी पंचायत नाम से पोर्टल बनाया है। इस पर जिले की हर ग्राम पंचायत को बिंदुवार फीडिंग करनी होगी। फीडिंग नहीं करने वाली ग्राम पंचायत को बजट नहीं मिलेगा। वहीं अच्छा काम करने वाली ग्राम पंचायतों को मुख्यमंत्री पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाएगा। पंचायतीराज निदेशक ने डीपीआरओ को पत्र के साथ पोर्टल के लिए हर ग्राम पंचायत के यूजरनेम और पासवर्ड भेज दिए हैं।
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों के लिए यह अच्छी प्रक्रिया है। इससे कार्य में पारदर्शिता आएगी। पोर्टल को लेकर हर ग्राम पंचायत को निर्देश भेजे गए हैं।
- धनंजय जायसवाल, डीपीआरओ