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स्कूल बना कूड़ाघर, गंदगी के बीच पढ़ रहे बच्चे
Updated Sat, 13 Jan 2018 11:37 PM IST
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मैनपुरी। एक तरफ जहां शासन और प्रशासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन योजना का संचालन कर नगर तथा मोहल्लों को साफ-सुथरा बनाए जाने का कार्य किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ नगर की पॉश कालोनी आवास विकास स्थित तीन विद्यालयों के परिसर में मोहल्ले के लोगों द्वारा गंदगी की जा रही है। हालात यह हैं कि यहां पढ़ने वाले बच्चे कभी भी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
शहर के बीचोंबीच स्थित प्राथमिक विद्यालय आवास विकास, उच्च प्राथमिक विद्यालय आवास विकास तथा मूक बधिर बच्चों के कैंप में स्वच्छ भारत मिशन की किरण देखने को नहीं मिल रही है। आवास विकास में एक ही परिसर में ये तीनों स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 110 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय परिसर में ही मोहल्ले भर के लोग अपने घरों से निकलने वाला कूड़ा डालते हैं, जिसके चलते यहां आवारा जानवरों के झुंड जमा रहते हैं। इससे किसी भी समय यहां पढ़ने वाले 110 बच्चों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। प्रधानाध्यापकों तथा वार्डन की शिकायत के बाद भी यहां कूड़ा डलना बंद नहीं हुआ है।
एसडीएम की चेतावनी पर भी नहीं सुधरे लोग
यहां संचालित मूक बधिर बच्चों के आवासीय शिविर के वार्डन अनुज कुमार का कहना है कि पूर्व में एसडीएम को मामले की जानकारी दी गई थी। उस समय उन्होंने यहां आकर मोहल्ले के लोगों को चेतावनी दी थी लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है। एसडीएम के कहने पर नगर पालिका ने विद्यालय परिसर के बाहर कूड़ादान रखवाया था। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार और उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक अंशु तोमर ने बताया कि यहां गंदगी के कारण बच्चों के साथ-साथ उन लोगों को भी बीमारी का भय सता रहा है। परिसर के सभी गेट बंद कर दिए जाएं तो लोग ताला तोड़ देते हैं।
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इन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं बच्चे
जिला अस्पताल में तैनात डा. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि विद्यालय में यदि आवारा जानवर पहुंच रहे हैं तो स्वाइनफ्लू, डायरिया, दमा, सांस, हृदय रोग आदि जैसी गंभीर बीमारियां पनप सकती हैं।
मोहल्ले में कूड़ा डालने के लिए कूड़ादान रखवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्क तथा स्कूलों में गंदगी न होने दें। इस संबंध में शीघ्र ही प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
धर्मराज सिंह, ईओ नगर पालिका
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शहर के बीचोंबीच स्थित प्राथमिक विद्यालय आवास विकास, उच्च प्राथमिक विद्यालय आवास विकास तथा मूक बधिर बच्चों के कैंप में स्वच्छ भारत मिशन की किरण देखने को नहीं मिल रही है। आवास विकास में एक ही परिसर में ये तीनों स्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें 110 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय परिसर में ही मोहल्ले भर के लोग अपने घरों से निकलने वाला कूड़ा डालते हैं, जिसके चलते यहां आवारा जानवरों के झुंड जमा रहते हैं। इससे किसी भी समय यहां पढ़ने वाले 110 बच्चों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। प्रधानाध्यापकों तथा वार्डन की शिकायत के बाद भी यहां कूड़ा डलना बंद नहीं हुआ है।
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एसडीएम की चेतावनी पर भी नहीं सुधरे लोग
यहां संचालित मूक बधिर बच्चों के आवासीय शिविर के वार्डन अनुज कुमार का कहना है कि पूर्व में एसडीएम को मामले की जानकारी दी गई थी। उस समय उन्होंने यहां आकर मोहल्ले के लोगों को चेतावनी दी थी लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है। एसडीएम के कहने पर नगर पालिका ने विद्यालय परिसर के बाहर कूड़ादान रखवाया था। प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार और उच्च प्राथमिक विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक अंशु तोमर ने बताया कि यहां गंदगी के कारण बच्चों के साथ-साथ उन लोगों को भी बीमारी का भय सता रहा है। परिसर के सभी गेट बंद कर दिए जाएं तो लोग ताला तोड़ देते हैं।
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इन बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं बच्चे
जिला अस्पताल में तैनात डा. धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि विद्यालय में यदि आवारा जानवर पहुंच रहे हैं तो स्वाइनफ्लू, डायरिया, दमा, सांस, हृदय रोग आदि जैसी गंभीर बीमारियां पनप सकती हैं।
मोहल्ले में कूड़ा डालने के लिए कूड़ादान रखवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पार्क तथा स्कूलों में गंदगी न होने दें। इस संबंध में शीघ्र ही प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
धर्मराज सिंह, ईओ नगर पालिका