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मथुरा में जयगुरुदेव आश्रम का है बड़ा साम्राज्य
Updated Mon, 18 Sep 2017 09:43 AM IST
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नापजोख करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा। जयगुरुदेव आश्रम का साम्राज्य दूर तक फैला है। मथुरा में हाईवे किनारे ही ढाई सौ एकड़ से भी ज्यादा भूमि है। आश्रम के पास प्राथमिक स्कूल है, इंटर कालेज है। डिग्री कालेज की तैयारी हो रही है। पेट्रोल पंप है। धर्मकांटा है। होटल है। गोशालाएं हैं, जिनमें करीब 2200 गाय हैं। आश्रम के भीतर अतिथि ग्रह है। वीआईपी गेस्ट हाउस है। आश्रम में ढाई हजार लोग हमेशा रहते हैं।
जमीनों पर कब्जों को लेकर चर्चा में आए जयगुरुदेव आश्रम के आसपास पिछले दो दिनों से पुलिस का बड़ा पहरा है। जमीन की पैमाइश चल रही है। पहले दिन प्रशासन ने जयगुरुदेव आश्रम के कब्जे से यूपीएसआईडीसी की करीब .394 हेक्टेयर भूमि मुक्त भी कराई है। दूसरे दिन भी नापजोख चलती रही। दरअसल यूपीएसआईडीसी ने हाईकोर्ट में जो शपथ पत्र दाखिल किया है उसमें 41 हेक्टेयर भूमि पर आश्रम का कब्जा बताया है। हालांकि आश्रम प्रशासन शुरूआत से ही इससे इंकार करता रहा है। रविवार को भी प्रशासनिक टीम आश्रम के आसपास निशान लगाती रहीं। जहां भी यूपीएसआईडीसी की जमीन निकली वहीं बोर्ड लगा दिया गया।
बताया जाता है कि आश्रम के पास अपनी 250 एकड़ से भी ज्यादा जमीन है। हाईवे किनारे तो दूर तक आश्रम की ही चाहरदीवारी नजर आती है। एक तरफ मंदिर है तो दूसरी तरफ आश्रम। आश्रम में ही हर वक्त दो से ढाई हजार लोग रहते हैं। मौजूदा समय में भी करीब दो हजार लोग आश्रम में मौजूद हैं। उत्तरप्रदेश के अधिकांश जिलों में बाबा जयगुरुदेव संस्था के आश्रम हैं।
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देश भर में जयगुरुदेव के तीन करोड़ से ज्यादा अनुयायी
मथुरा। बाबा जयगुरुदेव के देश भर में तीन करोड़ से भी ज्यादा अनुयायी हैं। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट के महामंत्री डॉ. रामकृष्ण यादव का कहना है कि देश भर में बाबा के अनुयायी हैं। इनकी संख्या तीन करोड़ से भी ज्यादा होगी।
आश्रम की संपत्तियां
पेट्रोल पंप, धर्मकांटा, होटल, प्राथमिक स्कूल, इंटर कालेज, डिग्री कालेज, गेस्ट हाउस, गोशालाएं व अस्पताल।
सैकड़ों बीघा खेती की जमीन
मथुरा। आश्रम के पास सैकड़ों बीघा खेती की भी जमीन है। इस जमीन में अर्गेनिक खेती की जाती है। सब्जियां उगाई जाती हैं। इन सब्जियों का प्रयोग भंडारे में किया जाता है। कुछ भूमि में गेहूं की भी खेती की जाती है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं होता है।
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जमीनों पर कब्जों को लेकर चर्चा में आए जयगुरुदेव आश्रम के आसपास पिछले दो दिनों से पुलिस का बड़ा पहरा है। जमीन की पैमाइश चल रही है। पहले दिन प्रशासन ने जयगुरुदेव आश्रम के कब्जे से यूपीएसआईडीसी की करीब .394 हेक्टेयर भूमि मुक्त भी कराई है। दूसरे दिन भी नापजोख चलती रही। दरअसल यूपीएसआईडीसी ने हाईकोर्ट में जो शपथ पत्र दाखिल किया है उसमें 41 हेक्टेयर भूमि पर आश्रम का कब्जा बताया है। हालांकि आश्रम प्रशासन शुरूआत से ही इससे इंकार करता रहा है। रविवार को भी प्रशासनिक टीम आश्रम के आसपास निशान लगाती रहीं। जहां भी यूपीएसआईडीसी की जमीन निकली वहीं बोर्ड लगा दिया गया।
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बताया जाता है कि आश्रम के पास अपनी 250 एकड़ से भी ज्यादा जमीन है। हाईवे किनारे तो दूर तक आश्रम की ही चाहरदीवारी नजर आती है। एक तरफ मंदिर है तो दूसरी तरफ आश्रम। आश्रम में ही हर वक्त दो से ढाई हजार लोग रहते हैं। मौजूदा समय में भी करीब दो हजार लोग आश्रम में मौजूद हैं। उत्तरप्रदेश के अधिकांश जिलों में बाबा जयगुरुदेव संस्था के आश्रम हैं।
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देश भर में जयगुरुदेव के तीन करोड़ से ज्यादा अनुयायी
मथुरा। बाबा जयगुरुदेव के देश भर में तीन करोड़ से भी ज्यादा अनुयायी हैं। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट के महामंत्री डॉ. रामकृष्ण यादव का कहना है कि देश भर में बाबा के अनुयायी हैं। इनकी संख्या तीन करोड़ से भी ज्यादा होगी।
आश्रम की संपत्तियां
पेट्रोल पंप, धर्मकांटा, होटल, प्राथमिक स्कूल, इंटर कालेज, डिग्री कालेज, गेस्ट हाउस, गोशालाएं व अस्पताल।
सैकड़ों बीघा खेती की जमीन
मथुरा। आश्रम के पास सैकड़ों बीघा खेती की भी जमीन है। इस जमीन में अर्गेनिक खेती की जाती है। सब्जियां उगाई जाती हैं। इन सब्जियों का प्रयोग भंडारे में किया जाता है। कुछ भूमि में गेहूं की भी खेती की जाती है। संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं होता है।