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प्रत्येक किलोमीटर पर परिक्रमा की दूरी बताएंगे साइनेज
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:27 PM IST
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गोवर्धन। मुड़िया पूर्णिमा मेला के दौरान गोवर्धन परिक्रमा करते वक्त भक्तों को पता चल सकेगा कि अब तक उन्होंने कितने किलोमीटर की दूरी तय कर ली है। उनके लिए अभी कितने किलोमीटर की परिक्रमा और बाकी रह गई है। इसके अलावा प्रशासन ने परिक्रमार्थियों के स्वागत की भी तैयारी कर ली है।
गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला के दौरान करीब एक करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। इसमें उत्तर प्रदेश के दूरदराज जनपदों के अलावा राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और दिल्ली के भक्त शामिल होते हैं। परिक्रमा के वक्त उन्हें नहीं पता होता कि अब तक वह कितने किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। अभी परिक्रमा कितने किलोमीटर और बाकी रह गई है। इसके लिए परिक्रमार्थियों के लिए एमवीडीए साइनेज लगवाने जा रहा है। यह साइनेज प्रत्येक किलोमीटर पर होंगे, जिन पर परिक्रमा की दूरी दर्ज होगी। इन पर स्थल का उल्लेख भी किया जाएगा।
इसके अलावा मथुरा-गोवर्धन मार्ग, डीग मार्ग और बरसाना मार्ग पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग में चार व्हील चेयर का भी प्रबंध किया गया है, जो विशेष परिस्थिति में श्रद्धालुओं की सेवा में मौजूद रहेगी।
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एसडीएम सदानन्द गुप्ता ने बताया कि परंपरागत इस मेला के लिए इस बार कुछ खास प्रबंध किए जा रहे हैं। खोया पाया केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। तहसीलदार देवेन्द्र सिंह व नायब तहसील अजय यादव ने मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा की व्यवस्थाएं देखीं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के स्थानों को भी देखा।
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गोवर्धन में मुड़िया पूर्णिमा मेला के दौरान करीब एक करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। इसमें उत्तर प्रदेश के दूरदराज जनपदों के अलावा राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और दिल्ली के भक्त शामिल होते हैं। परिक्रमा के वक्त उन्हें नहीं पता होता कि अब तक वह कितने किलोमीटर की दूरी तय कर चुके हैं। अभी परिक्रमा कितने किलोमीटर और बाकी रह गई है। इसके लिए परिक्रमार्थियों के लिए एमवीडीए साइनेज लगवाने जा रहा है। यह साइनेज प्रत्येक किलोमीटर पर होंगे, जिन पर परिक्रमा की दूरी दर्ज होगी। इन पर स्थल का उल्लेख भी किया जाएगा।
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इसके अलावा मथुरा-गोवर्धन मार्ग, डीग मार्ग और बरसाना मार्ग पर भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा परिक्रमा मार्ग में चार व्हील चेयर का भी प्रबंध किया गया है, जो विशेष परिस्थिति में श्रद्धालुओं की सेवा में मौजूद रहेगी।
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एसडीएम सदानन्द गुप्ता ने बताया कि परंपरागत इस मेला के लिए इस बार कुछ खास प्रबंध किए जा रहे हैं। खोया पाया केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। तहसीलदार देवेन्द्र सिंह व नायब तहसील अजय यादव ने मुकुट मुखारविंद मंदिर मानसी गंगा की व्यवस्थाएं देखीं। महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के स्थानों को भी देखा।