खतरे में मरीजों की जान: दो साल से बिना फिटनेस के दौड़ रहीं 281 एंबुलेंस, बेखबर बैठे हैं अधिकारी
एआरटीओ अनिल कुमार सिंह का कहना है कि बिना फिटनेस के चल रही एंबुलेंस की सूची बनाई गई है, इनको नोटिस देंगे। फिटनेस न करवाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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आगरा शहर में दो साल से बिना फिटनेस और बीमा के 281 एंबुलेंस दौड़ रही हैं। इनमें चिकित्सकीय उपकरण और मानक भी नहीं हैं। ये धुआं उगल रही हैं, फिर भी आरटीओ विभाग के अधिकारी जांच नहीं कर रहे हैं।
आरटीओ कार्यालय में 537 एंबुलेंस हैं। इसमें से 281 एंबुलेंस की बीते दो साल से फिटनेस नहीं हुई है। बीमा की मियाद भी खत्म हो गई है। इससे प्रदूषण तो फैल ही रहा है साथ ही चिकित्सकीय उपकरणों की जांच न होने से मरीजों की जान भी खतरे में है। इन एंबुलेंस चालकों को विभाग की ओर से फिटनेस कराने के लिए नोटिस नहीं दिया और न ही इनको सीज किया गया है। एआरटीओ अनिल कुमार सिंह का कहना है कि बिना फिटनेस के चल रही एंबुलेंस की सूची बनाई गई है, इनको नोटिस देंगे। फिटनेस न करवाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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40 फीसदी एंबुलेंस 10 साल से अधिक हैं पुरानी
आरटीओ के यहां पंजीकृत 537 एंबुलेंस में से 40 फीसदी 10 साल पुरानी हैं। इनको नियमानुसार हर साल आरटीओ के यहां फिटनेस करानी होती है। इसमें धुआं जांच के अलावा वाहन की मौजूदा हालत भी परखी जाती है। चिकित्सकीय उपकरण समेत चालक के लाइसेंस समेत अन्य की भी जांच की जाती। मानक न होने और खटारा हाल में एंबुलेंस होने के कारण चालक इनका फिटनेस कराने नहीं आ रहे हैं।