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खुशखबरी - एटा-कासगंज रेल परियोजना को रेलवे बोर्ड की स्वीकृति
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कासगंज। एटा-कासगंज के लोगों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से प्रस्तावित रेल लाइन परियोजना को रेलवे बोर्ड की स्वीकृति मिल गई है। पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम की संस्तुति पर बोर्ड ने सहमति जता दी है, लेकिन अभी तक काम शुरू कराने के लिए धन आंवटित नहीं किया है। उम्मीद है कि जल्द बजट मिल जाएगा और काम शुरू हो जाएगा। इसके अलावा रेट ऑफ रिर्टन (आरओआर) सर्वे कराने से भी इंकार कर दिया।
कासगंज-एटा के बीच रेल लाइन निर्माण के लिए तीन वर्ष पहले रेल बजट में स्वीकृति मिली थी। इसके बाद रेलवे ने कार्यदायी संस्था से एटा कासगंज के बीच 29 किलोमीटर तक रेल लाइन के लिए सर्वे कराया था। कार्यदायी संस्था ने डिटेज प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की। इसमें बताया कि परियोजना पर 277 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इज्जतनगर रेल मंडल द्वारा इस डीपीआर को गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यायलय भेजा गया।
इस पर काफी विचार हुआ। पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम ने संस्तुति कर रेलवे बोर्ड को डीपीआर भेज दी, लेकिन रेलवे बोर्ड काफी दिनों तक आरओआर सर्वे पर विचार करता रहा। अंतत: निर्णय लिया है कि अब आरओआर नहीं कराएंगे। रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है, लेकिन अभी बजट नहीं दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट भी मिल जाएगा। उसके बाद शीघ्र ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
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कासगंज-एटा के बीच रेल लाइन निर्माण के लिए तीन वर्ष पहले रेल बजट में स्वीकृति मिली थी। इसके बाद रेलवे ने कार्यदायी संस्था से एटा कासगंज के बीच 29 किलोमीटर तक रेल लाइन के लिए सर्वे कराया था। कार्यदायी संस्था ने डिटेज प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की। इसमें बताया कि परियोजना पर 277 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इज्जतनगर रेल मंडल द्वारा इस डीपीआर को गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यायलय भेजा गया।
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इस पर काफी विचार हुआ। पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम ने संस्तुति कर रेलवे बोर्ड को डीपीआर भेज दी, लेकिन रेलवे बोर्ड काफी दिनों तक आरओआर सर्वे पर विचार करता रहा। अंतत: निर्णय लिया है कि अब आरओआर नहीं कराएंगे। रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है, लेकिन अभी बजट नहीं दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट भी मिल जाएगा। उसके बाद शीघ्र ही इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।
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