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विजन डाक्यूमेंट तो बना दिया पर स्थिति स्पष्ट नहीं
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फिरोजाबाद। ताज ट्रिपेजियम जोन के लिए नई दिल्ली की संस्था के तैयार किए गए फाइनल विजन डाक्यूमेंट पर प्रमुख सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने आगरा में बैठक बुलाई, जिसमें औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि व संबंधित विभागों के अफसर शामिल रहे।
ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए नई दिल्ली की संस्था स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर का 450 पेज का फाइनल विजन डाक्यूमेंट तैयार किया गया है। विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा करने के लिए आगरा में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बैठक बुलाई।
मंडलायुक्त अनिल कुमार के अलावा टीटीजेड से संबंधित जिले में डीएम, उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों के अफसरों के अलावा औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया।
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मुख्य सचिव अनूपचंद्र पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीटीजेड में संचालित उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नई दिल्ली की संस्था ने फाइनल विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। विजन डाक्यूमेंट से संबंधित यदि किसी औद्योगिक संगठन की कोई समस्या हो तो बता सकते हैं अथवा लिखित में अपना सुझाव दे सकते हैं।
उद्यमियों ने कहा कि नई दिल्ली की संस्था ने इतना बड़ा विजन डाक्यूमेंट तो तैयार कर दिया है, परंतु इसमें करना क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। आखिर में उद्योगों को बढ़ावा देने व प्रदूषण कम करने के लिए करना क्या है। विजन डाक्यूमेंट में यह बात पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि विजन डाक्यूमेंट में जो कमियां हैं, उसमें सुधार कराया जाएगा। शासन की मंशा है कि औद्योगिक विकास व पर्यावरण के बीच में संतुलन बना रहे। इसमें उद्योगों का विकास भी हो तथा पर्यावरण भी खराब न हो।
बैठक में एडीएम अतुल सिंह, उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमा पांडे, प्रभारी अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीपी श्रीवास्तव, यूपीजीएमएस के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल, दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद गर्ग, संजय अग्रवाल जीटी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विजन डाक्यूमेंट को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। फिरोजाबाद में नेचुरल गैस से कांच उद्योग का संचालन हो रहा है, इसके बावजूद रोक क्यों है। हम चाहते हैं कि फिरोजाबाद में नए उद्योग लगाने पर लगी रोक को हटाया जाए। इसमें होता कमेटी और नीरी की रिपोर्ट को भी रखा जाए।
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ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए नई दिल्ली की संस्था स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर का 450 पेज का फाइनल विजन डाक्यूमेंट तैयार किया गया है। विजन डाक्यूमेंट पर चर्चा करने के लिए आगरा में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने बैठक बुलाई।
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मंडलायुक्त अनिल कुमार के अलावा टीटीजेड से संबंधित जिले में डीएम, उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित संबंधित विभागों के अफसरों के अलावा औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया।
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मुख्य सचिव अनूपचंद्र पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर टीटीजेड में संचालित उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नई दिल्ली की संस्था ने फाइनल विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। विजन डाक्यूमेंट से संबंधित यदि किसी औद्योगिक संगठन की कोई समस्या हो तो बता सकते हैं अथवा लिखित में अपना सुझाव दे सकते हैं।
उद्यमियों ने कहा कि नई दिल्ली की संस्था ने इतना बड़ा विजन डाक्यूमेंट तो तैयार कर दिया है, परंतु इसमें करना क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। आखिर में उद्योगों को बढ़ावा देने व प्रदूषण कम करने के लिए करना क्या है। विजन डाक्यूमेंट में यह बात पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि विजन डाक्यूमेंट में जो कमियां हैं, उसमें सुधार कराया जाएगा। शासन की मंशा है कि औद्योगिक विकास व पर्यावरण के बीच में संतुलन बना रहे। इसमें उद्योगों का विकास भी हो तथा पर्यावरण भी खराब न हो।
बैठक में एडीएम अतुल सिंह, उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमा पांडे, प्रभारी अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पीपी श्रीवास्तव, यूपीजीएमएस के अध्यक्ष राजकुमार मित्तल, दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद गर्ग, संजय अग्रवाल जीटी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विजन डाक्यूमेंट को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। फिरोजाबाद में नेचुरल गैस से कांच उद्योग का संचालन हो रहा है, इसके बावजूद रोक क्यों है। हम चाहते हैं कि फिरोजाबाद में नए उद्योग लगाने पर लगी रोक को हटाया जाए। इसमें होता कमेटी और नीरी की रिपोर्ट को भी रखा जाए।