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अब ऑनलाइन होंगे मनरेगा के काम
Updated Sun, 01 Apr 2018 08:03 PM IST
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डैमो
- फोटो : डैमो
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मथुरा। गांवों में कच्ची सड़क डालने, चकरोड निर्माण, मेड़ बंदी, तालाब खोदाई से लेकर अन्य मिट्टी के काम का पूरा विवरण अब ऑनलाइन होगा। ब्लाक के इंजीनियर पंचायत सचिव के साथ पूरे काम के प्रस्ताव सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे।
अब तक गांव पंचायतों में मिट्टी डालकर सड़क बनाने, तालाब खोदाई, मेड़बंदी, डोरे डालने, चकरोड निर्माण तथा अन्य श्रमदान के काम को पुराने तरीके से मस्टर रोल बनाकर और मनरेगा के जॉब कार्ड पर अंकित कराकर किए जाते हैं। इसमें ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा ब्लाक के इंजीनियर मिलीभगत कर बढ़ चढ़कर मनरेगा मजदूरों की संख्या का प्रदर्शन करते थे। बाद में मिट्टी बह जाने या बैठ जाने की कहकर पल्ला झाड़ लेते थे।
अब इन कामों को कराने से पहले प्रस्ताव बनाया जाएगा और उस प्रस्ताव को ब्लाक के इंजीनियर सिक्योर सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सिक्योर सॉफ्टवेयर विकसित कराया है। डीआरडीए के इंजीनियर अनिल अग्रवाल ने बताया कि ब्लाक के सभी इंजीनियरों को सिक्योर सॉफ्टवेयर में प्रस्ताव अपलोड करने की ट्रेनिंग दी गई है। सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने बताया कि आज से ग्राम पंचायतों में जो भी मनरेगा व कच्चे काम होंगे वह सभी सिक्योर सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए जाएंगे। इससे मनरेगा के कामों में धांधली पर अंकुश लग सकेगा।
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अब तक गांव पंचायतों में मिट्टी डालकर सड़क बनाने, तालाब खोदाई, मेड़बंदी, डोरे डालने, चकरोड निर्माण तथा अन्य श्रमदान के काम को पुराने तरीके से मस्टर रोल बनाकर और मनरेगा के जॉब कार्ड पर अंकित कराकर किए जाते हैं। इसमें ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव तथा ब्लाक के इंजीनियर मिलीभगत कर बढ़ चढ़कर मनरेगा मजदूरों की संख्या का प्रदर्शन करते थे। बाद में मिट्टी बह जाने या बैठ जाने की कहकर पल्ला झाड़ लेते थे।
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अब इन कामों को कराने से पहले प्रस्ताव बनाया जाएगा और उस प्रस्ताव को ब्लाक के इंजीनियर सिक्योर सॉफ्टवेयर पर अपलोड करेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सिक्योर सॉफ्टवेयर विकसित कराया है। डीआरडीए के इंजीनियर अनिल अग्रवाल ने बताया कि ब्लाक के सभी इंजीनियरों को सिक्योर सॉफ्टवेयर में प्रस्ताव अपलोड करने की ट्रेनिंग दी गई है। सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने बताया कि आज से ग्राम पंचायतों में जो भी मनरेगा व कच्चे काम होंगे वह सभी सिक्योर सॉफ्टवेयर पर अपलोड किए जाएंगे। इससे मनरेगा के कामों में धांधली पर अंकुश लग सकेगा।
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