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हादसे में महिला की मौत, हाईवे-2 पर दो घंटे जाम, हंगामा
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:38 PM IST
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हाईवे जाम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शिकोहाबाद। बच्चों को स्कूल छोड़कर लौटते समय एक महिला को ट्रैक्टर ने रौंद दिया। इसके चलते महिला की मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने एनएच टू पर जाम लगा कर हंगामा कर दिया। भीड़ ने ट्रैक्टर हाईवे पर तिरछा खड़ा कर डीजल टंकी फोड़ दी और आग लगाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बचा लिया। दो घंटे हाईवे जाम से वाहनों की कतार लाइनें लग गईं। मुआवजे के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। तब जाकर पुलिस ने शव पीएम के लिए भेजा।
प्रतापपुर रोड निवासी सुमन (40) पत्नी महेंद्र शर्मा गुरूवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ कर घर लौट रही थी। चौराहा पार करते वक्त एक ट्रैक्टर ने रौंद दिया। ट्रैक्टर का पहिया महिला के सिर के ऊपर से निकलने उसकी मौत हो गई। आधा घंटे पुलिस नहीं पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा कर एनएच-2 पर जाम लगा दिया। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस बल कम और भीड़ बढ़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया।
आक्रोशित लोग मुआवजे की मांग कर रहे थे। दो घंटे हाईवे जाम और वाहनों की कतार लगने से यात्री परेशान हो गए। एसडीएम सिरसागंज चंद्रभानु सिंह और चेयरमैन पति अब्दुल वाहिद पीड़िता के परिवार से जाम खुलवाने की कहकर शव उठाने का प्रयास किया तो भीड़ ने हंगामा कर दिया। एसडीएम अंबरीश कुमार ने पीड़िता के परिवार को पांच लाख रुपये, कांशीराम कॉलोनी में आवास और पट्टा देने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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हादसे में मृत सुमन के चार बच्चों के सिर से मां की ममता का साया उठ गया है। हादसे की जानकारी होते ही चारो बच्चे राते बिलखते स्कूल से पहुंचे। सुमन की मौत के बाद बेटी नेहा (15), भूमि (9), नकुल (7) और पांच वर्षीय लाढ़ो का रो-रो कर बुरा हाल था।
जाम के दौरान आगरा जा रही डीसीएम में एक पुलिस कर्मी सवार था। जाम के दौरान चालक ने डीसीएम निकालने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने रोक दिया। जब पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप किया तो भीड़ ने उसे उतार कर मारपीट कर दी। मरपीट कैमरे में कैद करने का प्रयास करते समय भीड़ ने एक मीडिया कर्मी को भी पीट कर घायल कर दिया। पीड़ित मीडिया कर्मी ने थाने में तहरीर दी है।
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प्रतापपुर रोड निवासी सुमन (40) पत्नी महेंद्र शर्मा गुरूवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ कर घर लौट रही थी। चौराहा पार करते वक्त एक ट्रैक्टर ने रौंद दिया। ट्रैक्टर का पहिया महिला के सिर के ऊपर से निकलने उसकी मौत हो गई। आधा घंटे पुलिस नहीं पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने हंगामा कर एनएच-2 पर जाम लगा दिया। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस बल कम और भीड़ बढ़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया।
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आक्रोशित लोग मुआवजे की मांग कर रहे थे। दो घंटे हाईवे जाम और वाहनों की कतार लगने से यात्री परेशान हो गए। एसडीएम सिरसागंज चंद्रभानु सिंह और चेयरमैन पति अब्दुल वाहिद पीड़िता के परिवार से जाम खुलवाने की कहकर शव उठाने का प्रयास किया तो भीड़ ने हंगामा कर दिया। एसडीएम अंबरीश कुमार ने पीड़िता के परिवार को पांच लाख रुपये, कांशीराम कॉलोनी में आवास और पट्टा देने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
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हादसे में मृत सुमन के चार बच्चों के सिर से मां की ममता का साया उठ गया है। हादसे की जानकारी होते ही चारो बच्चे राते बिलखते स्कूल से पहुंचे। सुमन की मौत के बाद बेटी नेहा (15), भूमि (9), नकुल (7) और पांच वर्षीय लाढ़ो का रो-रो कर बुरा हाल था।
जाम के दौरान आगरा जा रही डीसीएम में एक पुलिस कर्मी सवार था। जाम के दौरान चालक ने डीसीएम निकालने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने रोक दिया। जब पुलिसकर्मी ने हस्तक्षेप किया तो भीड़ ने उसे उतार कर मारपीट कर दी। मरपीट कैमरे में कैद करने का प्रयास करते समय भीड़ ने एक मीडिया कर्मी को भी पीट कर घायल कर दिया। पीड़ित मीडिया कर्मी ने थाने में तहरीर दी है।