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हाईकोर्ट ने दिए सोसायटी के चुनाव कराने के निर्देश
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:13 PM IST
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फिरोजाबाद/टूंडला। ठाकुर बीरी सिंह एजूकेशनल सोसायटी के विवाद में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट ने सन 1990 से सोसायटी को कालातीत माना है। इसके साथ ही सोसाइटी के वर्तमान सचिव सहित 106 सदस्यों को अवैध मानते हुए उपनिबंधक आगरा को धारा 25(2) के तहत चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
ठाकुर बीरी सिंह कालेज में प्रबंधतंत्र को लेकर पिछले 28 सालों से विवाद चला आ रहा है। उपनिबंध्धक आगरा ने विगत तीन सितंबर 2013 को आदेश पारित कर ठा.बीरीसिंह एजूकेशनल सोसायटी को वैद्य माना था तथा सुरेंद्र सिंह नौहवार को सचिव बनाया था। आदेश को सौदान सिंह वर्मा, महेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, रामसहाय शर्मा, सुग्रीव सिंह, अमरनाथ गुप्ता और विभा सिंह पत्नी प्राचार्य डा.बहादुर सिंह ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
उच्च न्यायालय इलाहाबाद के जज महेश चंद्र त्रिपाठी ने उपनिबंधक आगरा के आदेश तीन सितंबर 2013, उपनिबंधक कानपुर के आदेश 24 जून 2015 और 13 मई 2016 को निरस्त कर दिया। साथ ही उपनिबंधक आगरा को ठाकुर बीरी सिंह एजूकेशनल सोसायटी का चुनाव कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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तत्कालीन प्रबंधक सुरेंद्र सिंह द्वारा कुलपति डॉ.बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के विरुद्ध दायर याचिका को भी निरस्त कर दिया है। तत्त्कालीन प्रबंधक/सचिव सुरेंद्र सिंह का कहना है कि हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं। कोर्ट के इस आदेश के विरुद्ध डबल बेंच में प्रत्यावेदन देंगे।
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ठाकुर बीरी सिंह कालेज में प्रबंधतंत्र को लेकर पिछले 28 सालों से विवाद चला आ रहा है। उपनिबंध्धक आगरा ने विगत तीन सितंबर 2013 को आदेश पारित कर ठा.बीरीसिंह एजूकेशनल सोसायटी को वैद्य माना था तथा सुरेंद्र सिंह नौहवार को सचिव बनाया था। आदेश को सौदान सिंह वर्मा, महेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह, रामसहाय शर्मा, सुग्रीव सिंह, अमरनाथ गुप्ता और विभा सिंह पत्नी प्राचार्य डा.बहादुर सिंह ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
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उच्च न्यायालय इलाहाबाद के जज महेश चंद्र त्रिपाठी ने उपनिबंधक आगरा के आदेश तीन सितंबर 2013, उपनिबंधक कानपुर के आदेश 24 जून 2015 और 13 मई 2016 को निरस्त कर दिया। साथ ही उपनिबंधक आगरा को ठाकुर बीरी सिंह एजूकेशनल सोसायटी का चुनाव कराए जाने के निर्देश दिए हैं।
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तत्कालीन प्रबंधक सुरेंद्र सिंह द्वारा कुलपति डॉ.बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के विरुद्ध दायर याचिका को भी निरस्त कर दिया है। तत्त्कालीन प्रबंधक/सचिव सुरेंद्र सिंह का कहना है कि हम न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं। कोर्ट के इस आदेश के विरुद्ध डबल बेंच में प्रत्यावेदन देंगे।