{"_id":"5a58f94c4f1c1bad3f8b4740","slug":"21515780428-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफाईकर्मी के ऑक्सीजन देने पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सफाईकर्मी के ऑक्सीजन देने पर हंगामा
Updated Fri, 12 Jan 2018 11:50 PM IST
विज्ञापन
Docter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों और कर्मचारियों द्वारा मरीजों के उपचार में लापरवाही बरती जा रही है। शुक्रवार को सफाई कर्मचारी द्वारा महिला मरीज को ऑक्सीजन लगाने पर तीमारदारों ने जमकर हंगामा काटा।
शुक्रवार की सुबह 9:10 बजे नगर के मोहल्ला गोपीनाथ अड्डा निवासी विनोद कुमार की 53 वर्षीय पत्नी स्नेहलता को लेकर परिजन जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। यहां तैनात डॉक्टर ने महिला को दूर से देखते ही ऑक्सीजन लगाने को कहा। इस दौरान एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो सफाई कर रहा था स्नेहलता को ऑक्सीजन लगाने लगा। इस पर महिला के साथ आए तीमारदार भड़क उठे। उनका कहना था कि अभी ये सफाई कर रहा था और यही ऑक्सीजन लगा रहा है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट क्या कर रहे हैं। परिजनों ने इसका विरोध जताते हुए हंगामा किया। हालांकि डॉक्टर ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला चेयरमैन मनोरमा देवी की एक रिश्तेदार बताई जा रही है। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
नहीं मिला शव वाहन
हद तो तब हो गई जब अस्पताल में मौत के बाद महिला के लिए शव वाहन भी नहीं मिला, जबकि जिला अस्पताल में शव वाहन की व्यवस्था है। इस पर भी परिजनों ने हंगामा काटा। हंगामे के बाद सीएमएस ने प्राइवेट एंबुलेंस से शव को भिजवाया। सारे मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
विज्ञापन
मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आखिर लापरवाही कहां से हुई है। इसका पता लगाया जा रहा है। शव वाहन चालक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
-डा.आरके सागर, सीएमएस
विज्ञापन
शुक्रवार की सुबह 9:10 बजे नगर के मोहल्ला गोपीनाथ अड्डा निवासी विनोद कुमार की 53 वर्षीय पत्नी स्नेहलता को लेकर परिजन जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। यहां तैनात डॉक्टर ने महिला को दूर से देखते ही ऑक्सीजन लगाने को कहा। इस दौरान एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो सफाई कर रहा था स्नेहलता को ऑक्सीजन लगाने लगा। इस पर महिला के साथ आए तीमारदार भड़क उठे। उनका कहना था कि अभी ये सफाई कर रहा था और यही ऑक्सीजन लगा रहा है। डॉक्टर और फार्मासिस्ट क्या कर रहे हैं। परिजनों ने इसका विरोध जताते हुए हंगामा किया। हालांकि डॉक्टर ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला चेयरमैन मनोरमा देवी की एक रिश्तेदार बताई जा रही है। मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
विज्ञापन
नहीं मिला शव वाहन
हद तो तब हो गई जब अस्पताल में मौत के बाद महिला के लिए शव वाहन भी नहीं मिला, जबकि जिला अस्पताल में शव वाहन की व्यवस्था है। इस पर भी परिजनों ने हंगामा काटा। हंगामे के बाद सीएमएस ने प्राइवेट एंबुलेंस से शव को भिजवाया। सारे मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
विज्ञापन
मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आखिर लापरवाही कहां से हुई है। इसका पता लगाया जा रहा है। शव वाहन चालक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा गया है।
-डा.आरके सागर, सीएमएस