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सर्दी से ठिठुर रहे गरीब, नहीं बने रैन बसेरे
Updated Thu, 21 Dec 2017 11:22 PM IST
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फिरोजाबाद। दिसंबर माह में सर्दी पूरे शबाब है। रातभर कड़ाके सर्दी और सुबह घना कोहरा पड़ रहा है। नगर निगम की लापरवाही से गरीब और बेसहारा लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। नगर निगम प्रशासन को अभी तक अस्थाई रैन बसेरा बनाने की सुध नहीं आई है।
नगर निगम प्रशासन हर साल गरीब और बेसहारा लोगाें को सर्दी से बचाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अस्थाई रैन बसेरा बनाए जाते थे। इनमे रेलवे स्टेशन, रोडवेज बसस्टैंड, जिला अस्पताल, ओवरब्रिज के नीचे, कैलादेवी मंदिर सहित अन्य स्थल शामिल हैं।
इसके अलावा शहर में करीब आधा सैकड़ा स्थलों पर अलाव की व्यवस्था होती थी। रैन बसेरा में रिक्शा चालक, गरीब, बेसहारा लोग सर्द रातें गुजरते थे। इस साल नगर निगम प्रशासन ने अस्थाई रैन बसेरा बनाने के प्रयास तक नहीं किए।
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जबकि हाल में महापौर नूतन राठौर के साथ 70 पार्षद चुनकर नगर निगम पहुंचे। महापौर और पार्षदों का इस ओर ध्यान नहीं है। नगर निगम की लापरवाही से शहर के सार्वजनिक स्थलों जिला अस्पताल, रोडवेज बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों पर गरीब व बेसहारा लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
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नगर निगम प्रशासन हर साल गरीब और बेसहारा लोगाें को सर्दी से बचाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अस्थाई रैन बसेरा बनाए जाते थे। इनमे रेलवे स्टेशन, रोडवेज बसस्टैंड, जिला अस्पताल, ओवरब्रिज के नीचे, कैलादेवी मंदिर सहित अन्य स्थल शामिल हैं।
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इसके अलावा शहर में करीब आधा सैकड़ा स्थलों पर अलाव की व्यवस्था होती थी। रैन बसेरा में रिक्शा चालक, गरीब, बेसहारा लोग सर्द रातें गुजरते थे। इस साल नगर निगम प्रशासन ने अस्थाई रैन बसेरा बनाने के प्रयास तक नहीं किए।
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जबकि हाल में महापौर नूतन राठौर के साथ 70 पार्षद चुनकर नगर निगम पहुंचे। महापौर और पार्षदों का इस ओर ध्यान नहीं है। नगर निगम की लापरवाही से शहर के सार्वजनिक स्थलों जिला अस्पताल, रोडवेज बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों पर गरीब व बेसहारा लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।