{"_id":"59db84ec4f1c1b72548b66e1","slug":"21507558636-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारूद के ढेर पर है अपना शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारूद के ढेर पर है अपना शहर
Updated Mon, 09 Oct 2017 08:01 PM IST
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। अपना शहर बारूद के ढेर पर है। घनी आबादी में बेखौफ आतिशबाजी का भंडारण किया जा रहा है। यह आतिशबाजी दिवाली पर खपाने के लिए शहर में लाई गई है। पुलिस और प्रशासन बेखबर है या फिर भंडारण को लेकर आंखें मूंदे हुए है। अभी तक इन भंडारण की जांच न करना पुुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा करता है।
आठ दिन बाद दिवाली का त्योहार है। शहर में करोड़ों रुपये की खतरनाक आतिशबाजी का खुलेआम भंडारण किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह भंडारण घनी आबादी में हो रहा है। शहर के कोतवाली रोड, कृष्णानगर, छत्ता बाजार, महाविद्या कॉलोनी, चौक बाजार, विकास बाजार, सदर बाजार, महोली रोड, दरेसी रोड, घीयामंडी, लाल दरवाजा, बिरला मंदिर आदि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भंडारण खतरे की घंटी है।
शहर के 47 हाइड्रेंट हुए जमींदोज
मथुरा। कभी शहर में 47 हाइड्रेंट हुआ करते थे। वर्तमान में अधिकतर जमींदोज हो गए हैं या फिर तोड़ दिए गए हैं। शहर में होने वाली आगजनी की घटना में यह प्वाइंट फायर ब्रिगेड कर्मियों के लिए मददगार साबित होते थे। पानी की भरपूर सप्लाई मिलने के बाद समय रहते आग पर काबू पा लिया जाता था। इन प्वाइंटों के न होने से चिंगारी सुलगने पर शहर राख में तब्दील हो सकता है। सीएफओ संजय कुमार शर्मा का कहना है कि हाइड्रेंट नगर निगम के नलकूपों से जुड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
आठ दिन बाद दिवाली का त्योहार है। शहर में करोड़ों रुपये की खतरनाक आतिशबाजी का खुलेआम भंडारण किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह भंडारण घनी आबादी में हो रहा है। शहर के कोतवाली रोड, कृष्णानगर, छत्ता बाजार, महाविद्या कॉलोनी, चौक बाजार, विकास बाजार, सदर बाजार, महोली रोड, दरेसी रोड, घीयामंडी, लाल दरवाजा, बिरला मंदिर आदि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भंडारण खतरे की घंटी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यहां हैं फायर टेंडर
मथुरा के कृष्णानगर पर छह बड़ी फायर टेंडर और दो छोटी, एक कोसी, एक जन्मस्थान और एक मांट में है।
‘अगर शहर में आतिशबाजी का भंडारण हो रहा है तो चेकिंग कराई जाएगी। घनी आबादी में भंडारण मिलने पर कार्रवाई की जाएगी’ स्वप्निल ममगाई, एसएसपी