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शिकायत निस्तारण में खानापूर्ति, शासन संतुष्ट
Updated Tue, 18 Jul 2017 10:59 PM IST
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आगरा। मुख्यमंत्री के रिकार्ड में जन शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण दिखाने के लिए कार्रवाई के नाम पर अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। ताजा मामला भगवान टाकीज चौराहा से खंदारी के बीच नहर विभाग की करोड़ों की जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की आड़ में सीएम को गुमराह करने का सामने आया है।
शिकायत के आधार पर स्थानीय स्तर पर की गई कार्रवाई के नाम पर सिर्फ होर्डिंग और छोटी सी बाउंड्री तोड़कर लखनऊ में बैठे अधिकारियों ने आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर सही की रिपोर्ट लगा दी है। जबकि अतिक्रमण जस का तस है।
पिछले दिनों अधिवक्ता शैलराज सिंह ने आगरा-मथुरा रोड के बीच गैलाना, नगला पदी, लश्करपुर और घटवासन की दस अरब से अधिक की सिंचाई विभाग की बेशकीमती जमीन पर कब्जे की शिकायत की थी। इस पर प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्रवाई के आदेश दिए।
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उनकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने तीन जून को राजस्व एवं आपदा विभाग के अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी। यह आदेश स्थानीय सदर तहसील को मिला। यहां छह जुलाई को सिंचाई विभाग और सदर तहसील की टीम ने अभियान चलाकर भगवान टाकीज और खंदारी के बीच स्थित कुछ अस्थायी अतिक्रमण को तोड़ दिया। मगर, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने नहर की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर रखा है।
जबकि शिकायतकर्ता ने इन्हीं जमीनों को कब्जा मुक्त करने की मांग की थी। मगर, स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई। इसकी रिपोर्ट लखनऊ में बैठे उच्च अधिकारियों को दे दी थी। उन्होंने भी क्रॉस चेक कराए बगैर आईजीआरएस पोर्टल पर इस अधूरी कार्रवाई पर ही ‘ओके’ की रिपोर्ट अपलोड कर दी। बता दें कि इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर सीधे मुख्यमंत्री की नजर रहती है।
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शिकायत के आधार पर स्थानीय स्तर पर की गई कार्रवाई के नाम पर सिर्फ होर्डिंग और छोटी सी बाउंड्री तोड़कर लखनऊ में बैठे अधिकारियों ने आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर सही की रिपोर्ट लगा दी है। जबकि अतिक्रमण जस का तस है।
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पिछले दिनों अधिवक्ता शैलराज सिंह ने आगरा-मथुरा रोड के बीच गैलाना, नगला पदी, लश्करपुर और घटवासन की दस अरब से अधिक की सिंचाई विभाग की बेशकीमती जमीन पर कब्जे की शिकायत की थी। इस पर प्रदेश सरकार में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कार्रवाई के आदेश दिए।
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उनकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष सचिव शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने तीन जून को राजस्व एवं आपदा विभाग के अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दी। यह आदेश स्थानीय सदर तहसील को मिला। यहां छह जुलाई को सिंचाई विभाग और सदर तहसील की टीम ने अभियान चलाकर भगवान टाकीज और खंदारी के बीच स्थित कुछ अस्थायी अतिक्रमण को तोड़ दिया। मगर, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने नहर की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर रखा है।
जबकि शिकायतकर्ता ने इन्हीं जमीनों को कब्जा मुक्त करने की मांग की थी। मगर, स्थानीय स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई। इसकी रिपोर्ट लखनऊ में बैठे उच्च अधिकारियों को दे दी थी। उन्होंने भी क्रॉस चेक कराए बगैर आईजीआरएस पोर्टल पर इस अधूरी कार्रवाई पर ही ‘ओके’ की रिपोर्ट अपलोड कर दी। बता दें कि इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर सीधे मुख्यमंत्री की नजर रहती है।