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जीएसटी: नया माल नहीं मिलने से वस्तुओं की बढ़ी किल्लत
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:10 PM IST
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जीएसटी के चलते खाली पड़ा इलेक्ट्रोनिक शोरूम।
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एटा। बाजारों में जीएसटी का नकारात्मक असर दिखने लगा है। जरूरी सामानों की बढ़ती किल्लत से लोग परेशान हैं। आर्डर के बाद भी ग्राहकों को मनचाहा ब्रांड और सामान नहीं मिल रहा है। दुकानदारों की मानें तो बाजार सामान्य होने में अभी भी हफ्ता-दस दिन का समय लग सकता है।
शासन प्रशासन जीएसटी का जशभन मना रहा है तो बाजारों में जरूरी सामानों की कमी हो गई है। बड़े सामान के साथ ही लोगों को दैनिक उपभोग के मनचाहे ब्रांड नहीं मिल पा रहे। कारोबारियों के अनुसार वेट एंड वाच के चलते बड़े ब्रांड आपूर्ति नहीं कर रहे हैं।
बाजारों में इन दिनों हिंदुस्तान लीवर, पतंजलि, पीएनजी ब्रांड के सामान नहीं हैं। वहीं इलेक्ट्रॉनिक बाजार में भी सामान की किल्लत है। कारोबारियों का कहना है कि एक पखवाड़े से आर्डर के बाद भी बड़ी मंडियों से माल की आपूर्ति नहीं हो रही है। नई कर व्यवस्था के कारण कुछ दवा कंपनियों ने भी आपूर्ति रोक दी है। इसके चलते एंटीबायोटिक समेत कुछ अन्य दवाओं की बाजार में कमी आ गई है।
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सौंदर्य प्रसाधन विक्रेता दिलशाद सिद्दीकी ने कहा कि बाजार में हिंदुस्तान लीवर, पतंजलि एवं पीएनजी प्रोडक्ट की कमी है। आर्डर के बाद भी सामान नहीं मिल रहा है। इनकी किल्लत से स्तरीय ग्राहक परेशान है। दवा विक्रेता संजय सभरवाल ने कहा कि अभी बाजार में दवाआें की किल्लत नहीं है। लेकिन यदि ऐसा ही रहा तो एंटीबायोटिक की कमी हो सकती है। ऊपर से भी इनकी आपूर्ति नहीं हो रही।
जीएसटी अच्छे उद्देश्य के साथ बड़ा आर्थिक परिवर्तन है। फिलहाल ट्रायल एंड एरर पर काम हो रहा है। विधिवत लागू होने में अभी समय लगेगा। सामानों की कृत्रिम कमी बढ़ सकती है।
- प्रतीक आमौरिया, सीए, अध्यक्ष जिला टैक्स बार एसोसिएशन
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शासन प्रशासन जीएसटी का जशभन मना रहा है तो बाजारों में जरूरी सामानों की कमी हो गई है। बड़े सामान के साथ ही लोगों को दैनिक उपभोग के मनचाहे ब्रांड नहीं मिल पा रहे। कारोबारियों के अनुसार वेट एंड वाच के चलते बड़े ब्रांड आपूर्ति नहीं कर रहे हैं।
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बाजारों में इन दिनों हिंदुस्तान लीवर, पतंजलि, पीएनजी ब्रांड के सामान नहीं हैं। वहीं इलेक्ट्रॉनिक बाजार में भी सामान की किल्लत है। कारोबारियों का कहना है कि एक पखवाड़े से आर्डर के बाद भी बड़ी मंडियों से माल की आपूर्ति नहीं हो रही है। नई कर व्यवस्था के कारण कुछ दवा कंपनियों ने भी आपूर्ति रोक दी है। इसके चलते एंटीबायोटिक समेत कुछ अन्य दवाओं की बाजार में कमी आ गई है।
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सौंदर्य प्रसाधन विक्रेता दिलशाद सिद्दीकी ने कहा कि बाजार में हिंदुस्तान लीवर, पतंजलि एवं पीएनजी प्रोडक्ट की कमी है। आर्डर के बाद भी सामान नहीं मिल रहा है। इनकी किल्लत से स्तरीय ग्राहक परेशान है। दवा विक्रेता संजय सभरवाल ने कहा कि अभी बाजार में दवाआें की किल्लत नहीं है। लेकिन यदि ऐसा ही रहा तो एंटीबायोटिक की कमी हो सकती है। ऊपर से भी इनकी आपूर्ति नहीं हो रही।
जीएसटी अच्छे उद्देश्य के साथ बड़ा आर्थिक परिवर्तन है। फिलहाल ट्रायल एंड एरर पर काम हो रहा है। विधिवत लागू होने में अभी समय लगेगा। सामानों की कृत्रिम कमी बढ़ सकती है।
- प्रतीक आमौरिया, सीए, अध्यक्ष जिला टैक्स बार एसोसिएशन