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गंगा में जलस्तर और कम हुआ, खतरा टला
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:03 PM IST
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उफान पर बह रही गंगा
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज/पटियाली। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट आने से अब तटवर्ती इलाके के लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। गंगा का जलस्तर शनिवार को 20 सेंटीमीटर गिर गया। कादरगंज पर भी गंगा का जलस्तर कम होने से कटान का खतरा टला है, लेकिन जिन खेतों में पानी भरा है वहां से खेतों से पानी की निकासी नहीं होने से फसलों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। किसान जलभराव को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं।
शनिवार को गंगा में नरौरा से 84683 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह पानी शुक्रवार के मुकाबले 16000 क्यूसेक कम हो गया। जिससे लो फ्लड के हालातों से निजात मिली है। अब जिले में साधारण बाढ़ का ही प्रभाव है। हालांकि हरिद्वार से 7 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है, लेकिन जिले में इस बढ़े हुए डिस्चार्ज का बाढ़ पर कोई प्रभाव नहीं है। सोरों के लहरा में आबादी के निकट पहुंचा पानी भी कम हुआ है। वहीं कादरगंज पर भी पानी कम हुआ है, लेकिन मेहोल बांध के नजदीक पानी बना हुआ है। राहत की बात यह है कि यहां अभी कटान रुका हुआ है। शहवाजपुर से पटियाली की ओर रास्ते के गांव में जलभराव का स्तर कम हुआ है, लेकिन रास्ते में खेतों अभी भी पानी भरा है। पशुओं को चरने के लिए चारागाह भी पानी में डूब गए हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हैं।
पटियाली के उपजिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ गंगा के तटवर्ती गांव नगला जयकिशन, कादरगंज, नैथरा, नगला खंदारी, मेहोला आदि इलाकों में निरीक्षण किया एवं ग्रामीणों की समस्या पूछी। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि गंगा का पानी कम होने से तो राहत है, लेकिन खेतों में भरे पानी से फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।
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गंगा के जलस्तर में कमी आई है। कटान भी रुक गया है। फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है। सभी बांध और गांव पूरी तरह से सुरक्षित हैं। फिर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
धीरेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम पटियाली
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शनिवार को गंगा में नरौरा से 84683 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह पानी शुक्रवार के मुकाबले 16000 क्यूसेक कम हो गया। जिससे लो फ्लड के हालातों से निजात मिली है। अब जिले में साधारण बाढ़ का ही प्रभाव है। हालांकि हरिद्वार से 7 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज बढ़ा है, लेकिन जिले में इस बढ़े हुए डिस्चार्ज का बाढ़ पर कोई प्रभाव नहीं है। सोरों के लहरा में आबादी के निकट पहुंचा पानी भी कम हुआ है। वहीं कादरगंज पर भी पानी कम हुआ है, लेकिन मेहोल बांध के नजदीक पानी बना हुआ है। राहत की बात यह है कि यहां अभी कटान रुका हुआ है। शहवाजपुर से पटियाली की ओर रास्ते के गांव में जलभराव का स्तर कम हुआ है, लेकिन रास्ते में खेतों अभी भी पानी भरा है। पशुओं को चरने के लिए चारागाह भी पानी में डूब गए हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें हैं।
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पटियाली के उपजिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ गंगा के तटवर्ती गांव नगला जयकिशन, कादरगंज, नैथरा, नगला खंदारी, मेहोला आदि इलाकों में निरीक्षण किया एवं ग्रामीणों की समस्या पूछी। ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि गंगा का पानी कम होने से तो राहत है, लेकिन खेतों में भरे पानी से फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।
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गंगा के जलस्तर में कमी आई है। कटान भी रुक गया है। फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं है। सभी बांध और गांव पूरी तरह से सुरक्षित हैं। फिर भी लगातार निगरानी की जा रही है।
धीरेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम पटियाली