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बोरियों में रखा धान जमा, बरसाती पानी में घुली चीनी
Updated Sat, 28 Jul 2018 09:01 PM IST
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पानी भरने से भीगी अनाज की बोरियां
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मथुरा। धान के 1500 बोरे पानी में डूब गए। 50 बोरों में भरी चीनी पानी में घुल गई। गेहूं, मूंग और अरहर की दाल बेकार हो गई है। धान की बोरियों में तो पौधे फूटने लगे हैं। दो दिनों तक पानी में डूबी रही मंडी समिति में आढ़तियों को भारी नुकसान हुआ है। स्थिति यह है कि दुकान में भीगे अनाज को देखकर कइयों के तो आंसू निकल आए। किसी ने मंडी प्रशासन को कोसा तो किसी ने व्यवस्था को। अब व्यापारी गोदामों में भरे पानी में बचे अनाज को समेटने में लगे हैं।
मथुरा मंडी समिति में 380 दुकानें हैं। तीन दिन तक होने वाली बरसात ने 100 दुकानों को बुरी तरह से प्रभावित किया। दरअसल ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण व्यापारियों का गेहूं, धान, चीनी और दाल बाहर नहीं जा सकी थी जिससे मंडी के गोदामों में ही भंडारण कर दिया गया था। लेकिन बरसात ने उनके अनाज को खराब कर दिया है। बोरों में भरा धान जमने लगा है। चीनी गोदाम में भरे पानी में घुल गई है। गोदामों से मीठा पानी निकल रहा है। सरसों, तिल, ज्वार, मूंग, अरहर, धान व चीनी के हजारों बोरे खराब हो गए।
इनका अधिक नुकसान
जलभराव से विजय गुलाब, विश्वनाथ चतुर्वेदी, गजानंद दाऊदयाल, नटवर, धर्मचंद, जगदीश बलरई, रूप सिंह चौधरी, ब्रजेश कुमार, दीपक ट्रेडिंग कंपनी, प्रेमचंद अशोक कुमार, शंकर ऑयल मिल, ओमी चाचा, बबली, गनेशीमूलचंद, झम्मन वार्ष्णेय, योगेंद्र गर्ग, वृंदावनदास अग्रवाल, पृथ्वी गुर्जर आदि का नुकसान हुआ है।
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मंडी समिति के पास जो नाला है वह छोटा है। कई जगह बंद पड़ा है। इस कारण पानी मंडी में घुस गया है। इससे व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
- सुनील शर्मा, सचिव, मंडी समिति
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मथुरा मंडी समिति में 380 दुकानें हैं। तीन दिन तक होने वाली बरसात ने 100 दुकानों को बुरी तरह से प्रभावित किया। दरअसल ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण व्यापारियों का गेहूं, धान, चीनी और दाल बाहर नहीं जा सकी थी जिससे मंडी के गोदामों में ही भंडारण कर दिया गया था। लेकिन बरसात ने उनके अनाज को खराब कर दिया है। बोरों में भरा धान जमने लगा है। चीनी गोदाम में भरे पानी में घुल गई है। गोदामों से मीठा पानी निकल रहा है। सरसों, तिल, ज्वार, मूंग, अरहर, धान व चीनी के हजारों बोरे खराब हो गए।
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इनका अधिक नुकसान
जलभराव से विजय गुलाब, विश्वनाथ चतुर्वेदी, गजानंद दाऊदयाल, नटवर, धर्मचंद, जगदीश बलरई, रूप सिंह चौधरी, ब्रजेश कुमार, दीपक ट्रेडिंग कंपनी, प्रेमचंद अशोक कुमार, शंकर ऑयल मिल, ओमी चाचा, बबली, गनेशीमूलचंद, झम्मन वार्ष्णेय, योगेंद्र गर्ग, वृंदावनदास अग्रवाल, पृथ्वी गुर्जर आदि का नुकसान हुआ है।
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मंडी समिति के पास जो नाला है वह छोटा है। कई जगह बंद पड़ा है। इस कारण पानी मंडी में घुस गया है। इससे व्यापारियों को नुकसान हुआ है।
- सुनील शर्मा, सचिव, मंडी समिति