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गांवों में लगी टीटीएसपी की 56 टंकियों का नहीं मिल रहा है रिकार्ड
Updated Tue, 29 May 2018 08:43 PM IST
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मथुरा। गांवों में पेयजलापूर्ति के लिए लगाई गई 812 टीटीएसपी टंकियों में से 56 टंकियाें का रिकार्ड ग्राम पंचायतों से गायब हो गया है। हाल ही में कराए गए सर्वे में इसकी हकीकत सामने आई है।
गांवों में मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए सन 2011-12 में जल निगम ने 10 हजार लीटर क्षमता वाली टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टेंड पोस्ट) की 812 टंकी लगवाई थीं। इन टंकियों को भरने के लिए सबमर्सिबल लगाकर 2.5 इंच की पाइप लाइन बिछाई गई। एक टीटीएसपी पर पांच से आठ लाख रुपये तक खर्च किए गए।
जल निगम द्वारा कराए गए इस काम की घटिया गुणवत्ता के चलते आए दिन लाइन टूटने, केबल कटने, मोटर जलने आदि को लेकर अक्सर टीटीएसपी बंद रही। ग्राम पंचायतों ने इन्हें सुपुर्दगी में नहीं लिया। तीन माह पूर्व तत्कालीन सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने सभी टीटीएसपी का भौतिक सत्यापन कर उनको शत प्रतिशत चालू कराने का निर्देश डीपीआरओ और डीडीओ को दिए।
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अब सभी टीटीएसपी पर गांव का नाम व टीटीएसपी का नंबर डालकर उनके फोटो खींचने और सत्यापन रिपोर्ट मांगी। अब हाल ही में मिली रिपोर्ट में 812 में से 56 टीटीएसपी ऐसी हैं जिनका पंचायत विभाग में रिकार्ड नहीं है। मौके पर उनकी हालत भी खराब है।
‘टीटीएसपी की सर्वे रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी पाई गई है। मामला पुराना है, दिखवाया जा रहा है।’
- रामनिवास गुप्ता, सीडीओ
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गांवों में मीठा पानी उपलब्ध कराने के लिए सन 2011-12 में जल निगम ने 10 हजार लीटर क्षमता वाली टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टेंड पोस्ट) की 812 टंकी लगवाई थीं। इन टंकियों को भरने के लिए सबमर्सिबल लगाकर 2.5 इंच की पाइप लाइन बिछाई गई। एक टीटीएसपी पर पांच से आठ लाख रुपये तक खर्च किए गए।
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जल निगम द्वारा कराए गए इस काम की घटिया गुणवत्ता के चलते आए दिन लाइन टूटने, केबल कटने, मोटर जलने आदि को लेकर अक्सर टीटीएसपी बंद रही। ग्राम पंचायतों ने इन्हें सुपुर्दगी में नहीं लिया। तीन माह पूर्व तत्कालीन सीडीओ पवन कुमार गंगवार ने सभी टीटीएसपी का भौतिक सत्यापन कर उनको शत प्रतिशत चालू कराने का निर्देश डीपीआरओ और डीडीओ को दिए।
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अब सभी टीटीएसपी पर गांव का नाम व टीटीएसपी का नंबर डालकर उनके फोटो खींचने और सत्यापन रिपोर्ट मांगी। अब हाल ही में मिली रिपोर्ट में 812 में से 56 टीटीएसपी ऐसी हैं जिनका पंचायत विभाग में रिकार्ड नहीं है। मौके पर उनकी हालत भी खराब है।
‘टीटीएसपी की सर्वे रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी पाई गई है। मामला पुराना है, दिखवाया जा रहा है।’
- रामनिवास गुप्ता, सीडीओ