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ताजनगरी में बिना ‘द्रोणाचार्य’ के तैयार होंगे ‘एकलव्य’
Updated Tue, 09 Jan 2018 11:13 PM IST
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आगरा। नाम की तरह एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के हालात भी महाभारत काल के एकलव्य जैसे हैं। यहां दो महीने तक विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण देने के लिए कोच उपलब्ध नहीं रहेंगे। स्टेडियम में 11 खेलों में 12 अंशकालिक प्रशिक्षक तैनात हैं।
इनका कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो जाएगा। फरवरी और मार्च में प्रशिक्षुओं को बिना प्रशिक्षक के अभ्यास करना पड़ सकता है। प्रशिक्षण का नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होता है। तो बिना बिना ‘द्रोणाचार्य’ के ही ‘एकलव्य’ तैयार होंगे।
एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में महज पांच खेलों में नियमित प्रशिक्षक हैं। 11 खेलाें में अंशकालिक प्रशिक्षकाें की तैनाती है। इसमें क्रिकेट, एथलेटिक्स, हॉकी, वॉलीबाल, तलवारबाजी, कबड्डी, बैडमिंटन, पावरलिफ्टिंग, बास्केटबाल, ताइक्वांडो और मुक्केबाजी खेल शामिल हैं।
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बास्केटबाल में दो प्रशिक्षक हैं। इन खेलों में हजारों प्रशिक्षुओं का पंजीकरण है। खास बात यह है कि प्रशिक्षुओं से एक अप्रैल से 31 मार्च तक की फीस ली जाती है। प्रति वर्ष खिलाड़ियों को एक-दो माह कम प्रशिक्षण दिया जाता है।
अभी तक अंशकालिक शिक्षकों के फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हुई है। दो सत्राें से फिटनेस टेस्ट के बाद प्रशिक्षक रखे जा रहे हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि बुधवार को लखनऊ में खेल निदेशक के साथ बैठक है। उसमें अंशकालिक प्रशिक्षकों के बारे में पूछा जाएगा। अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है।
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इनका कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो जाएगा। फरवरी और मार्च में प्रशिक्षुओं को बिना प्रशिक्षक के अभ्यास करना पड़ सकता है। प्रशिक्षण का नया सत्र एक अप्रैल से शुरू होता है। तो बिना बिना ‘द्रोणाचार्य’ के ही ‘एकलव्य’ तैयार होंगे।
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एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में महज पांच खेलों में नियमित प्रशिक्षक हैं। 11 खेलाें में अंशकालिक प्रशिक्षकाें की तैनाती है। इसमें क्रिकेट, एथलेटिक्स, हॉकी, वॉलीबाल, तलवारबाजी, कबड्डी, बैडमिंटन, पावरलिफ्टिंग, बास्केटबाल, ताइक्वांडो और मुक्केबाजी खेल शामिल हैं।
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बास्केटबाल में दो प्रशिक्षक हैं। इन खेलों में हजारों प्रशिक्षुओं का पंजीकरण है। खास बात यह है कि प्रशिक्षुओं से एक अप्रैल से 31 मार्च तक की फीस ली जाती है। प्रति वर्ष खिलाड़ियों को एक-दो माह कम प्रशिक्षण दिया जाता है।
अभी तक अंशकालिक शिक्षकों के फिटनेस टेस्ट की प्रक्रिया भी नहीं शुरू हुई है। दो सत्राें से फिटनेस टेस्ट के बाद प्रशिक्षक रखे जा रहे हैं। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी राजेश कुमार सिंह का कहना है कि बुधवार को लखनऊ में खेल निदेशक के साथ बैठक है। उसमें अंशकालिक प्रशिक्षकों के बारे में पूछा जाएगा। अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है।