{"_id":"5a1c2a584f1c1b193e8b530f","slug":"201511795288-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी और नोटबंदी में और होमवर्क की जरूरत : गोविंदाचार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी और नोटबंदी में और होमवर्क की जरूरत : गोविंदाचार्य
Updated Tue, 28 Nov 2017 12:03 AM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन (मथुरा)। भाजपा के कभी थिंक टैंक रहे पूर्व वरिष्ठ नेता गोविंदाचार्य ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी में और होमवर्क करने की जरूरत है। वह गांधी मार्ग स्थित गीता आश्रम में आयोजित स्वामी गीतानंद महाराज के पुण्यतिथि महोत्सव में भाग लेने आए हुए थे।
इस मौके पर पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि नोटबंदी की तरह जीएसटी में जिस प्रकार स्लैब में परिवर्तन किया जा रहा है। उससे साफ है कि जीएसटी लागू करने पर उस प्रकार से तैयारी नहीं की गई जैसी आवश्यकता थी। उन्होंने साफ कहा कि वास्तव में जीएसटी के फायदे के लिए दो वर्ष का इंतजार करना होगा। कश्मीर के बिगड़े हालातों पर नियंत्रण न हो पाने पर गोविंदाचार्य ने कहा कि घाटी में भारत परस्त मुसलमान भी हैं। उन्हें अधिक सुरक्षा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और रोजगार न मिलना भी अराजकता का कारण हो सकता है।
दूसरी ओर इंटरनेट क्षेत्र को टैक्स के दायरे में लाने की वकालत करते हुए कहा कि इंटरनेट क्षेत्र में कुछ नए कानून बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों द्वारा वास्तविक टर्नओवर की जानकारी के लिए न केवल उनका सर्वर भारत में होना जरूरी है बल्कि उनका कार्यालय एवं उनके अधिकारी भारत में होने चाहिए। कहा कि कहा कि भारत में हार्डवेयर को और बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि वर्तमान में विंडो पर निर्भरता बहुत बढ़ गई है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर डा. स्वामी अवशेषानंद महाराज भी उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मौके पर पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि नोटबंदी की तरह जीएसटी में जिस प्रकार स्लैब में परिवर्तन किया जा रहा है। उससे साफ है कि जीएसटी लागू करने पर उस प्रकार से तैयारी नहीं की गई जैसी आवश्यकता थी। उन्होंने साफ कहा कि वास्तव में जीएसटी के फायदे के लिए दो वर्ष का इंतजार करना होगा। कश्मीर के बिगड़े हालातों पर नियंत्रण न हो पाने पर गोविंदाचार्य ने कहा कि घाटी में भारत परस्त मुसलमान भी हैं। उन्हें अधिक सुरक्षा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय और रोजगार न मिलना भी अराजकता का कारण हो सकता है।
विज्ञापन
दूसरी ओर इंटरनेट क्षेत्र को टैक्स के दायरे में लाने की वकालत करते हुए कहा कि इंटरनेट क्षेत्र में कुछ नए कानून बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों द्वारा वास्तविक टर्नओवर की जानकारी के लिए न केवल उनका सर्वर भारत में होना जरूरी है बल्कि उनका कार्यालय एवं उनके अधिकारी भारत में होने चाहिए। कहा कि कहा कि भारत में हार्डवेयर को और बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि वर्तमान में विंडो पर निर्भरता बहुत बढ़ गई है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर डा. स्वामी अवशेषानंद महाराज भी उपस्थित थे।
विज्ञापन