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बंदरों के बढ़ते उत्पात से श्रद्धालु परेशान, सौंपा ज्ञापन
Updated Thu, 02 Nov 2017 11:29 PM IST
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सोरों। तीर्थ नगरी सोरों में बंदरों के बढ़ते उत्पाद से यहां आने वाले श्रद्धालु व स्थानीय नागरिकों को आए दिन खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आलम यह है कि महिलाएं व बच्चे हरिपदी की परिक्रमा नहीं लगा पा रहे हैं और बंदरों के काटे जाने के डर से बच्चों का खेलने के लिए घरों से बाहर निकला भी दूभर हो गया है। बावजूद इसके नगरपालिका इस समस्या को ठंडे बस्ते में डाला हुआ है और नजरअंदाज करा हुआ है। जिसके लिए गुरुवार को स्थानीय लोगों ने नगरपालिका प्रशासन को ज्ञापन दे समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
सोरों में गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के सामने बड़ी ही भयावह स्थिति पैदा हो चुकी है। मंजर यह है कि बंदर घाट के किनारे से सामान उठाकर ऊंची छतों पर चढ़ जाते हैं। लोगों के हाथों से सामान छीन ले जाना आम बात हो गई है। गंगा स्नान को गए श्रद्धालुओं के कपड़ों को भी बंदर फाड़ देते हैं। यही नहीं बदरिया में तो तीन दिन पहले ढाई वर्ष का बच्चा बंदर की घुड़की से छत से नीचे सड़क पर आ गिरा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई।
वहीं कुछ दिन पूर्व हरिपदी परिक्रमा मार्ग पर एक महिला को काटकर बंदरों ने घायल कर दिया। कस्बे की ऐसी कोई गली नहीं हैं बंदर उत्पाद नहीं मचा रहे हों। स्थिति यह है कि लोगों की जान पर बन आई है। जिस कारण स्थानीय लोग सुमित कुमार, दिलीप चंद्र, संतोष कुमार आदि ने नगरपालिका को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाने और समस्या से निजात पाने के लिए की मांग उठाई है।
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सोरों में गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के सामने बड़ी ही भयावह स्थिति पैदा हो चुकी है। मंजर यह है कि बंदर घाट के किनारे से सामान उठाकर ऊंची छतों पर चढ़ जाते हैं। लोगों के हाथों से सामान छीन ले जाना आम बात हो गई है। गंगा स्नान को गए श्रद्धालुओं के कपड़ों को भी बंदर फाड़ देते हैं। यही नहीं बदरिया में तो तीन दिन पहले ढाई वर्ष का बच्चा बंदर की घुड़की से छत से नीचे सड़क पर आ गिरा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई।
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वहीं कुछ दिन पूर्व हरिपदी परिक्रमा मार्ग पर एक महिला को काटकर बंदरों ने घायल कर दिया। कस्बे की ऐसी कोई गली नहीं हैं बंदर उत्पाद नहीं मचा रहे हों। स्थिति यह है कि लोगों की जान पर बन आई है। जिस कारण स्थानीय लोग सुमित कुमार, दिलीप चंद्र, संतोष कुमार आदि ने नगरपालिका को ज्ञापन देकर बंदरों को पकड़वाने और समस्या से निजात पाने के लिए की मांग उठाई है।
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