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गमछा मान लिया भाई, गले में डाल लगाई डुबकी
Updated Sat, 21 Oct 2017 07:25 PM IST
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गले में गमछा डालकर यमुना में डुबकी लगाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मथुरा। यम फांस से मुक्ति की कामना के साथ यमद्वितीया पर्व पर यमुना स्नान को रांची से आई कोमल व उसकी सास रामवती के भाई न होने पर गमछा को ही भाई मान लिया। दोनों सास-बहू ने उसी के साथ यमुना में डुबकी लगाई।
शनिवार को सुबह आठ बजे से 10:30 बजे तक दोनों विश्राम घाट पर धर्म का भाई बनाने को भटकते रहीं, लेकिन कोई भाई बनने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान एक चतुर्वेदी ने भाई के रूप में गमछा (साफी) लपेट कर डुबकी लगाने की सलाह दी। इस पर कोमल व रामवती ने दो गमछे खरीद लिए और गले में डालकर यमुना में डुबकी लगाई। कोमल व रामवती ने बताया कि वे गमछे को अपने साथ रांची ले कर जा रही हैं। अब प्रत्येक भाई दूज पर गमछे को तिलक करेंगी।
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शनिवार को सुबह आठ बजे से 10:30 बजे तक दोनों विश्राम घाट पर धर्म का भाई बनाने को भटकते रहीं, लेकिन कोई भाई बनने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान एक चतुर्वेदी ने भाई के रूप में गमछा (साफी) लपेट कर डुबकी लगाने की सलाह दी। इस पर कोमल व रामवती ने दो गमछे खरीद लिए और गले में डालकर यमुना में डुबकी लगाई। कोमल व रामवती ने बताया कि वे गमछे को अपने साथ रांची ले कर जा रही हैं। अब प्रत्येक भाई दूज पर गमछे को तिलक करेंगी।
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