{"_id":"59762ba74f1c1ba4738b46d9","slug":"201500916647-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आनलाइन देखे जा सकेंगे स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आनलाइन देखे जा सकेंगे स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्र
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:19 PM IST
विज्ञापन
ONLINE EXAM
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। अब ग्राम पंचायतों की सभी संपत्तियां आनलाइन देखी जा सकेंगी। स्कूल, सड़क, आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत भवन समेत तमाम अचल संपत्तियों को एम एसेट एप पर फीड करना शुरू कर दिया गया है। सोमवार को ग्राम पंचायत सोंगरा से इसकी शुरुआत की गई। डीपीएम गौरव जैन और प्रधान शीलेशता ने अचल संपत्तियों की फोटो एप पर अपलोड की।
ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एम एसेट एप की शुरुआत की है। इसके माध्यम से हर गांव की अचल संपत्तियों को पूरे विश्व में कहीं से भी देखा जा सकेगा। इसके साथ ही विकास कार्यों की हकीकत की भी निगरानी की जा सकेगी। विगत दिनों जिले में ग्राम पंचायत सचिवों को दिए गए प्रशिक्षण के बाद एम एसेट एप की फीडिंग शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद पंचायती राज निदेशक विजय किरन आनंद ने डीपीआरओ को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने पांच सितंबर तक हर ग्राम पंचायत की अचल संपत्तियों का विवरण फोटो समेत फीड कराने के लिए कहा है। सोमवार से जिले में फीडिंग की शुरुआत की गई।
निधौलीकलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत सोंगरा में डीपीएम गौरव जैन और प्रधान पुत्र मयंक यादव ने मिलकर गांव की अचल संपत्तियों को फीड किया। साथ ही गांव नगला गलू के प्रधान सुनीता यादव, गांव नरौरा की नीरू ने भी जियो टैगिंग कराना शुरू कर दिया है। डीपीएम गौरव जैन ने बताया कि एम एसेट एप से विकास कार्यों के नाम पर होने वाली मनमानी बंद हो सकेगी। प्रधान और पंचायत सचिव को मरम्मत कराने वाली संपत्ति की स्वीकृति से पहले एम एसेट एप पर उसकी फोटो अपलोड करनी होगी। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायतों को हाईटेक बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एम एसेट एप की शुरुआत की है। इसके माध्यम से हर गांव की अचल संपत्तियों को पूरे विश्व में कहीं से भी देखा जा सकेगा। इसके साथ ही विकास कार्यों की हकीकत की भी निगरानी की जा सकेगी। विगत दिनों जिले में ग्राम पंचायत सचिवों को दिए गए प्रशिक्षण के बाद एम एसेट एप की फीडिंग शुरू नहीं हो सकी। इसके बाद पंचायती राज निदेशक विजय किरन आनंद ने डीपीआरओ को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने पांच सितंबर तक हर ग्राम पंचायत की अचल संपत्तियों का विवरण फोटो समेत फीड कराने के लिए कहा है। सोमवार से जिले में फीडिंग की शुरुआत की गई।
विज्ञापन
निधौलीकलां ब्लॉक की ग्राम पंचायत सोंगरा में डीपीएम गौरव जैन और प्रधान पुत्र मयंक यादव ने मिलकर गांव की अचल संपत्तियों को फीड किया। साथ ही गांव नगला गलू के प्रधान सुनीता यादव, गांव नरौरा की नीरू ने भी जियो टैगिंग कराना शुरू कर दिया है। डीपीएम गौरव जैन ने बताया कि एम एसेट एप से विकास कार्यों के नाम पर होने वाली मनमानी बंद हो सकेगी। प्रधान और पंचायत सचिव को मरम्मत कराने वाली संपत्ति की स्वीकृति से पहले एम एसेट एप पर उसकी फोटो अपलोड करनी होगी। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति मिल सकेगी।
विज्ञापन