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सरकारी सहायता के नाम पर चल रहा फर्जीवाड़े का खेल
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Fake Teacher
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कासगंज। जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित शासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति, फर्जी छात्र संख्या आदि दर्शाकर सरकारी सहायता हड़पी जा रही है। वित्त नियंत्रक के आपत्ति लगाए जाने के बाद से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत 31 जूनियर हाईस्कूल और दो प्राइमरी विद्यालय सरकारी सहायता से संचालित हैं। शासन से परिषदीय विद्यालयों के साथ ही विद्यालयों को भी मिड-डे मील, स्कूल ड्रेस, पुस्तक वितरण सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की फर्जी संख्या दर्शाकर गोलमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति भी दर्शाकर सराकरी सहायता हड़पी जा रही है। वित्त नियंत्रक के माध्यम से इन विद्यालयों का आडिट कराया गया। आडिट में कई विद्यालयों के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण नहीं होने की बात सामने आई। इस दौरान प्राइमरी विद्यालय में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर फर्जी नियुक्ति का खुलासा हुआ। इस पर वित्त नियंत्रक ने आपत्ति जताकर आडिट आख्या बीएसए को भेजकर कार्रवाई के अनुपालन के निर्देश जारी कर दिए। वित्त नियंत्रक से विद्यालयों के संबंध में लगाई गई आपत्तियों के बाद से शिक्षा विभाग में खलबली मच ग्रई।
पचौरा जंगल के प्राइमरी विद्यालय में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति मामले के संबंध में दो सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। जबकि अन्य विद्यालयों के संबंध में आई आपत्तियाें पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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- अंजली अग्रवाल बेसिक शिक्षा अधिकारी
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जनपद में बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत 31 जूनियर हाईस्कूल और दो प्राइमरी विद्यालय सरकारी सहायता से संचालित हैं। शासन से परिषदीय विद्यालयों के साथ ही विद्यालयों को भी मिड-डे मील, स्कूल ड्रेस, पुस्तक वितरण सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जाता है। योजनाओं का लाभ लेने के लिए इन विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की फर्जी संख्या दर्शाकर गोलमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति भी दर्शाकर सराकरी सहायता हड़पी जा रही है। वित्त नियंत्रक के माध्यम से इन विद्यालयों का आडिट कराया गया। आडिट में कई विद्यालयों के रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण नहीं होने की बात सामने आई। इस दौरान प्राइमरी विद्यालय में शिक्षकों की बड़े पैमाने पर फर्जी नियुक्ति का खुलासा हुआ। इस पर वित्त नियंत्रक ने आपत्ति जताकर आडिट आख्या बीएसए को भेजकर कार्रवाई के अनुपालन के निर्देश जारी कर दिए। वित्त नियंत्रक से विद्यालयों के संबंध में लगाई गई आपत्तियों के बाद से शिक्षा विभाग में खलबली मच ग्रई।
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पचौरा जंगल के प्राइमरी विद्यालय में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति मामले के संबंध में दो सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। जबकि अन्य विद्यालयों के संबंध में आई आपत्तियाें पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है।
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- अंजली अग्रवाल बेसिक शिक्षा अधिकारी