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65 मरीज गंभीर हालत में कराए गए भर्ती, तीन रेफर
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:13 PM IST
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बुखार और डायरिया से पीड़ित मरीज
- फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी। जिला पूरी तरह संक्रामक बीमारियों की चपेट में है। बुखार और डायरिया से पीड़ित मरीजों की घर-घर चारपाइयां बिछी हुई हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसके बाद भी विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट रही है। जिला अस्पताल में दर्ज रिकार्ड के अनुसार अगस्त माह में 18 मौते हुईं। सितंबर में चार दिन में दो मरीजों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी विभाग कोई खास इंतजाम नहीं कर रहा है। दवाइयों की कमी के साथ ही डॉक्टर भी समय से नहीं बैठ रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ पहुंच रही है।
सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों के न मिलने के कारण मरीज जिला अस्पताल ही पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भी मरीजों का उपचार रामभरोसे ही है। यहां लगातार दवाइयों की कमी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में बुखार, डायरिया, पेटदर्द आदि की बीमारियों से पीड़ित 65 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया। तीन मरीजों को गंभीर हालत के चलते मिनी पीजीआई के लिए रेफर किया गया।
सीएचसी और पीएचसी पर दो बजे के बाद नहीं मिलते डॉक्टर
मैनपुरी। ग्रामीण अंचल की सीएचसी और पीएचसी पर दो बजे के बाद डॉक्टर नहीं मिलते हैं। जबकि शासनादेश के तहत 24 घंटे यहां उपचार के लिए डॉक्टर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। पीएचसी और सीएचसी पर तैनात डॉक्टर शासनादेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस बात का खुलासा इसी से हो सकता है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दो बजे के बाद प्रतिदिन ग्रामीण अंचल की मेडिकोलीगल जांचें कराई जा रही हैं।
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बढ़ने लगे मलेरिया के मरीज
मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण अब मलेरिया के मरीज भी धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। पिछले 10 दिनों में 10 मरीजों में अकेले जिला अस्पताल की जांच में मलेरिया के लक्षण मिले हैं। जबकि पीएचसी और सीएचसी की जांच की बात की जाए तो यह संख्या दर्जनों में है।
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सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों के न मिलने के कारण मरीज जिला अस्पताल ही पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल में भी मरीजों का उपचार रामभरोसे ही है। यहां लगातार दवाइयों की कमी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में बुखार, डायरिया, पेटदर्द आदि की बीमारियों से पीड़ित 65 मरीजों को गंभीर हालत के चलते भर्ती कराया गया। तीन मरीजों को गंभीर हालत के चलते मिनी पीजीआई के लिए रेफर किया गया।
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सीएचसी और पीएचसी पर दो बजे के बाद नहीं मिलते डॉक्टर
मैनपुरी। ग्रामीण अंचल की सीएचसी और पीएचसी पर दो बजे के बाद डॉक्टर नहीं मिलते हैं। जबकि शासनादेश के तहत 24 घंटे यहां उपचार के लिए डॉक्टर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। पीएचसी और सीएचसी पर तैनात डॉक्टर शासनादेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इस बात का खुलासा इसी से हो सकता है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दो बजे के बाद प्रतिदिन ग्रामीण अंचल की मेडिकोलीगल जांचें कराई जा रही हैं।
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बढ़ने लगे मलेरिया के मरीज
मैनपुरी। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के कारण अब मलेरिया के मरीज भी धीरे-धीरे बढ़ने लगे हैं। पिछले 10 दिनों में 10 मरीजों में अकेले जिला अस्पताल की जांच में मलेरिया के लक्षण मिले हैं। जबकि पीएचसी और सीएचसी की जांच की बात की जाए तो यह संख्या दर्जनों में है।