फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   सिर पर झूल रही मौत, जिम्मेदार अंजान

सिर पर झूल रही मौत, जिम्मेदार अंजान

Fri, 06 Jul 2018 11:11 PM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:11 PM IST
विज्ञापन
सिर पर झूल रही मौत, जिम्मेदार अंजान
डीएवी कालेज के पास पेड़ की डाल टूट कर हाई टेंशन तार पर गिरा। - फोटो : अमर उजाला
एटा। जिले में सड़क पर निकलना मतलब जान हथेली पर रखकर घूमना। हर पल सिर पर मौत मंडराती रहती है, लेकिन हुक्मरानों को हादसों को इंतजार है। जिले में बिजली के तार हादसों को दावत दे रहे हैं। हर महीने सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है।
विज्ञापन

शहर में झूलते विद्युत तार जानलेवा बन रहे हैं। आए दिन टूटने वाले तारों को लेकर परेशान लोगों की शिकायतों पर भी विभाग नजरअंदाज करता दिखाई दे रहा है। ऐसा लगता है कि शायद उन्हें हादसों का इंतजार है। कई जगहों पर इस तरह के दृश्य देखे जा सकते हैं। पूरे शहर में कहीं भी तारों के नीचे जालियां नहीं है। आगरा रोड स्थित कान्वेंट स्कूल के बाहर से गुजर रही लाइन भी जालियों के बगैर हैं। यहां से रोज हजारों की संख्या में बच्चे गुजरते हैं, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की गई।
विज्ञापन

निधौली रोड स्थित ट्यूलिप स्कूल के बाहर भी कुछ ऐसा ही आलम है। जीटी रोड पर गौर करें तो यहां भी तार जर्जर हो चुके हैं। बीच से गुजरती लाइन से कभी भी हादसा हो सकता है। आए दिन तार टूटते भी हैं, लेकिन विभाग उनको बदलवाने की बजाय जुड़वाकर इतिश्री कर लेता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के मुख्य बाजार घंटाघर और बाबूगंज में तो खंभों पर तारों का झुंड साफ देखा जा सकता है। आलम यह है कि आए दिन इन तारों से स्पार्किंग होती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं। लोग कई बार विभाग से तारों को बदलवाने और जाली लगवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन विद्युत निगम के अधिकारी आंखें बंद किए हुए हैं। मानकों के अनुसार हर हाईटेंशन लाइन के नीचे तारों की जाली होना आवश्यक है, लेकिन जिले में कहीं भी यह नजर नहीं आता।
बांस बल्ली के सहारे चल रही बिजली आपूर्ति
शहर के तमाम मोहल्लों में बिजली आपूर्ति आज भी बांस बल्ली पर चल रही है। शिवसिंहपुर, रेवाड़ी मोहल्ला क्षेत्र में तमाम जगहों पर विद्युत तार बांस बल्ली के सहारे टिके हैं। विभागीय नियम के अनुसार लाइन एवं विद्युत पोल से अधिकतम तीस मीटर दूरी तक ही केबल खींचकर संयोजन दिया जा सकता है। जबकि इसको नजरअंदाज करते हुए सौ डेढ़ सौ मीटर तक की केबलें खींच दी गई हैं। जो बिना सपोर्ट के झूलने लगती हैं।
बारिश के दौरान बढ़ जाती है हादसों की आशंका
बरसात के मौसम में झूलते तारों और जर्जर विद्युत पोल से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। पानी में करंट फैल जाने से पहले भी कई बार लोग हादसों के शिकार हो चुके हैं।
सात लोगों की जा चुकी है जान
जिले में वर्ष 2016 में रोडवेज बस पर हाइटेंशन तार गिरने से सात लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के वक्त विद्युत निगम ने जर्जर तारों को बदलवाने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे में एक बार फिर निगम किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहा है।

कहते हैं लोग
शहर में झूलते बिजली के तार आफत का सबब बन रहे हैं। इससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
रूबल यादव
झूलते बिजली के तारों से हादसों का डर बना रहता है। विद्युत निगम को इसकी पहल करनी चाहिए।
नितित चंद्रेश शर्मा
दो साल पहले तार टूटने से सात लोगों की मौत हो चुकी है। विद्युत निगम ने अब तक इससे सबक नहीं लिया है।
रजनीश जैन
तार टूटने और पानी में करंट फैलने से पिछले दिनों एक जानवर की मौत हो चुकी है। इसे लेकर व्यवस्था करने की जरूरत है।
सुजीत देव वार्ष्णेय
वर्जन
शहर में गले हुए पोल और बल्लियों पर लगी केबलों की समस्या को दूर करने के लिए एक कंपनी काम कर रही है। उसके पोल खत्म हो गए है। जल्द ही पोल की व्यवस्था कर जल्द ही समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
जगतराम, अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed